हरिद्वार: उत्तराखंड में अफगानिस्तान पाकिस्तान से आए 150 हिंदू शरणार्थियों को मोदी धामी सरकार नागरिक प्रमाण पत्र देने जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह कल इन नागरिकों को हरिद्वार जनसभा में नागरिकता प्रमाण पत्र देंगे।
जनसभा को संबोधित करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री
उल्लेखनीय कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार के बैरागी द्वीप पर विशाल जनसभा को संबोधित करने आ रहे है।
मोदी सरकार के सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019 (CAA )के तहत उत्तराखंड में रहने वाले उन 150 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने जा रही है जोकि पाकिस्तान अफगानिस्तान में कट्टरपंथियों के शिकार हुए और उन्होंने भारत में शरण ली हुई है ।
भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के गृह और जनगणना विभाग ने ऐसे हिंदू लोगों की गहनता से जांच पड़ताल करने के बाद उन्हें भारत की नागरिकता देने का निर्णय लिया है।
2019 में पास हुआ था सीएए
मोदी सरकार ने संसद में CAA यानि नागरिक संशोधन अधिनियम 1955 में सुधार करते हुए 2019 में बिल पास किया था जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दी थी, उस समय संसद में विपक्ष के भारी शोरगुल के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने उक्त एक्ट में संशोधन की जरूरत को सामने रखा था। इस संशोधन में 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदुओं को भारत की नागरिकता देने का फैसला मोदी सरकार ने लिया था। उस दौरान विपक्ष और वामपंथी संगठनों ने इसका भारी विरोध किया था और सड़कों पर आंदोलन भी किए थे। हिंदुस्तान में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश अथवा किसी भी अन्य देश से आने वाले हिंदू,सिख,जैन,बौद्ध , पारसी, ईसाई लोगों को भारत की नागरिकता दिए जाने की सूची में रखा गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने उस वक्त सदन में ये कहा था कि इन छ: समुदाय के लोग, अफगानिस्तान बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से परेशान होकर भारत आए हैं, उन्हें यहां नागरिकता मिलेगी क्योंकि ये पड़ोसी देश कभी भारत का ही हिस्सा रहे थे। उत्तराखंड में गृह विभाग की गहन जांच के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान से कुल 162 लोगों के भारत की नागरिकता का आवेदन भारत सरकार ने स्वीकार किया है। इनके अतिरिक्त कुछ और संख्या भी ऐसे नागरिकों की है,जिनपर केंद्र और राज्य सरकार विचार कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए 189 हिंदू लोगों ने आवेदन किया था। शेष लोगों का आवेदन पर जांच पड़ताल का कार्य किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इनमें ज्यादातर हिन्दू सिख लोग पाकिस्तान के सिंध, बलूचिस्तान से है। इन लोगों के रिश्तेदार देहरादून ऋषिकेश हरिद्वार और उधम सिंह नगर क्षेत्र में रहते हैं इस वजह से इन्हें यहां आश्रय मिला था। ऐसी भी जानकारी मिली है कि अखंड भारत के शक्तिपीठों में से एक माता हिंगलाज मंदिर के पुजारी परिवार ने भी उत्तराखंड में शरण ली हुई थी उन्हें भी भारत सरकार ने नागरिकता दी है।
सीमा जागरण मंच ने की मदद
जानकारी के मुताबिक सीमा जागरण मंच द्वारा ऐसे नागरिकों की खोज करके उनसे संवाद स्थापित कर उनके आवेदन पत्र भरवाए गए और उन्हें गृह विभाग में दर्ज करवाया गया, जिसकी बाद में गृह विभाग की जांच एजेंसियों ने जांच पड़ताल की । मंच के संयोजक कर्नल अजय कोटियाल ने बताया कि ये सौभाग्य की बात है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश पर ये कार्य पूर्णता की ओर है और गृह मंत्री अमित शाह पात्र लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने जा रहे है।
क्या कहते हैं सीएम धामी
मोदी सरकार ने CAA में संशोधन करके भारत में शरण लेने वाले हिंदू परिवारों की परेशानियों को दूर किया है, इसके लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हम आभारी है जिन्होंने ऐसे नागरिकों की चिंता की जोकि सालों से भारत में नागरिकता के लिए भटक रहे थे। उन्होंने कहा कि शुरू में विपक्ष ने इस संशोधन पर भ्रम फैलाने की कोशिश की उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुई।

















