अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान पर किए गए हमला के बाद अब ईरानी पलटवार कर रहा है। उसके हमलों की चपेट में कई अरब देश आ गए हैं। इसी क्रम में सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान ने देश की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमले किए हैं, जिसके बाद हर तरफ आग हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अच्छी बात ये रही कि इस हमले से बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है। वहीं ईरानी हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे हैं कि वो अब ईरान को बताएंगे की पलटवार होता क्या है। सउदी रक्षा मंत्रालय ने एक्स के जरिए इस हमले को लेकर कहा कि ये उन्हें शुरुआती जांच से पता चला है कि US दूतावास पर दो ड्रोन ने हमला किया था, जिससे सोमवार रात आग लग गई। बिल्डिंग को खाली करवा लिया गया है।
जिन देशों में अमेरिकी बेस वहां हमले
ईरान जैसे को तैसा वाले अंदाज में अमेरिका पर पलटवार कर रहा है। इसके तहत वह उन खाड़ी के देशों में हमले कर रहा है, जहां पर अमेरिका ने अपने मिलिट्री बेस बना रखे हैं। बहरहाल, ईरानी हमलों को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने रियाद, जेद्दा और धाहरान स्थित अमेरिकी नागरिकों को शेल्टरों में पनाह लेने की सलाह दी है। साथ ही अगली सूचना तक किसी भी मिशन में जाने से बचने के लिए कहा गया है।
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खाड़ी देशों पर क्यों हमले कर रहा ईरान
जानकारों का कहना है कि इजरायल और अमेरिका के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत जिस तरह की तबाही ईरान में मचाई गई है, उसके बाद अब ईरान खाड़ी स्थित उन सभी देशों में हमले कर रहा है, जहां भी अमेरिकी ठिकाने हैं। इसके अलावा इन हमलों के जरिए वह अमेरिका के सहयोगी कहे जाने वाले इन देशों पर एक प्रकार का दबाव बनाना चाहता है, ताकि वो अमेरिका से युद्ध खत्म करने के लिए कहें। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की सैन्य क्षमता इतनी नहीं है कि वो अमेरिका तक मिसाइल दाग सके, लेकिन खाड़ी देशों में स्थित उसके सैन्य ठिकानों को वो निशाना बना सकता है।
















