होली रंगों, खुशियों और स्वादिष्ट पकवानों का त्योहार है। इस दिन घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, जैसे गुजिया, मालपुआ, दही भल्ला और ठंडाई। इन्हीं में से एक खास और चटपटी डिश है कांजी वड़ा। कांजी वड़ा का स्वाद खट्टा, तीखा और बहुत ही ताजगी भरा होता है। होली के मौके पर यह सबको बहुत पसंद आता है। इसे घर पर बनाना भी बहुत आसान है।
कांजी वड़ा बनाने के लिए सामग्री- वड़ा के लिए- उड़द दाल- 1 कप, नमक- स्वादानुसार, हींग- एक चुटकी, कांजी के लिए- काली गाजर – 3 से 4 (कद्दूकस की हुई), सरसों पाउडर- 2 चम्मच, लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच, नमक- स्वादानुसार, पानी- 5 से 6 कप।
वड़ा बनाने की विधि- सबसे पहले उड़द दाल को 5–6 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें। फिर पानी निकालकर दाल को मिक्सर में पीस लें। ध्यान रखें कि पेस्ट ज्यादा पतला न हो। इसमें नमक और हींग मिलाएं और अच्छे से फेंट लें ताकि मिश्रण हल्का हो जाए। अब तेल गरम करें और छोटे-छोटे वड़े गोल आकार में डालकर सुनहरे होने तक तल लें। सभी वड़ों को इसी तरह तलकर निकाल लें।
कांजी बनाने की विधि-
एक बड़े कांच या मिट्टी के बर्तन में पानी लें। इसमें कद्दूकस की हुई काली गाजर, सरसों पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिला लें। अब तले हुए वड़े इसमें डाल दें। बर्तन को ढककर 2 से 3 दिन के लिए हल्की धूप या गर्म जगह पर रख दें ताकि कांजी अच्छी तरह खट्टी हो जाए। जब कांजी अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब इसे ठंडा करके परोसें। ऊपर से हरी धनिया या थोड़ी भुनी हुई सरसों डाल सकते हैं। होली के दिन ठंडी-ठंडी कांजी वड़ा पीने का मजा ही अलग होता है।
कांजी वड़ा के फायदे-
कांजी वड़ा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर को ठंडक देता है। होली के भारी खाने के बाद कांजी वड़ा पीने से पेट हल्का महसूस होता है। इस होली पर घर पर जरूर बनाएं चटपटा कांजी वड़ा और परिवार व दोस्तों के साथ इसका आनंद लें।

















