पंजाब : पंजाब पुलिस को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। राज्य के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल मोहाली ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 2.5 किलो वजनी अत्यधुनिक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) और अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह विस्फोटक उपकरण पूरी तरह से तैयार हालत में था। राज्य की शांति और सौहार्द को बिगाडऩे की साजिश के तहत इसे किसी लक्ष्य पर प्लांट किया जाना था। एसएसओसी की टीम ने एआईजी दीपक पारेख के नेतृत्व में इस मामले को खुलासा किया।
एआईजी ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को विशेष खुफिया सूचना और जांच के दौरान हुए खुलासों के आधार पर जिला शहीद भगत सिंह नगर क्षेत्र से यह आईईडी बरामद की गई। बरामद डिवाइस में दोहरी विस्फोटक प्रणाली लगी थी। इसमें एक वॉकी-टॉकी आधारित रिमोट कंट्रोल मैकेनिज्म और दूसरा टाइमर मैकेनिज्म पहले से फिट था। डिवाइस में बैटरियां भी लगी हुई थीं। यह पूरी तरह असेंबल अवस्था में था। इसके जल्द इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
इस मामले में पुलिस ने 22 फरवरी 2026 को जिला एसबीएस नगर से महावीर कुमार उर्फ काका निवासी गांव कलाम और उसके साथी मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय महावीर के पास से एक ग्लॉक पिस्टल और नौ एमएम के चार कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान महावीर ने खुलासा किया कि उसने आईईडी की खेप एसबीएस नगर बाईपास के पास मिट्टी में छिपा रखी है। आगे के निर्देशों का इंतजार कर रहा है। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने 27 फरवरी को आईईडी और रिमोट कंट्रोल डिवाइस बरामद कर ली।
इसके बाद मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों गोपी नवाशहरिया, सुशांत चोपड़ा (निवासी राहों, वर्तमान में अमेरिका) और जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये सभी विदेश से मॉड्यूल की गतिविधियों का संचालन और समन्वय कर रहे थे।
फिलहाल दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे सप्लाई चेन और फंडिंग नेटवर्क की कडय़िां जोडऩे में जुटी है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

















