अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने दक्षिण एशियाई अध्ययन विभाग की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विवादित पोस्ट को लेकर माफी मांगी है। पोस्ट में संस्कृत प्रोग्राम से जुड़ी कलाकृति दिखाई गई थी, जिसे हिंदू समुदाय ने हिंदूफोबिक और अपमानजनक करार दिया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब हार्वर्ड के एलिमेंट्री संस्कृत कोर्स को दिखाने के लिए इस्तेमाल की गई एक तस्वीर की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई।
यूनिवर्सिटी पर खुलेआम हिंदूफोबिया को बढ़ावा देने का आरोप
कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) नामक संगठन ने इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी पर खुलेआम हिंदूफोबिया को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और दावा किया कि आर्टवर्क में संस्कृत, हिंदू धर्म को गलत तरीके से दिखाया गया है।
तिलक लगाए सांवले हिंदू पात्र को गलत तरीके से दिखाया
संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार (26 फरवरी) को कलाकृति के चयन पर सवाल उठाया और विश्वविद्यालय पर कट्टरता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस्तेमाल की गई छवि किसी डरावनी फिल्म जैसी लगती है, जिसमें तिलक लगाए एक सांवले हिंदू पात्र को अपने हाथों में किसी तरह की भूतिया आकृतियों को लटकाते हुए दिखाया गया है। वहीं सोशल यूजर्स ने तस्वीर पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कलाकृति महाभारत के विषयों और भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला जुड़ी हुई है, लेकिन इसे जिस तरह से बनाया गया वह अपमानजनक है। ‘मास्टर ऑफ पपेट्स’ शीर्षक वाली यह कलाकृति अनिरूद्ध साईनाथ (ब्रांड: मोली आर्ट) द्वारा बनाई गई है। आर्टिस्ट हिंदू थीम पर आधारित कलाकृति बनाने के लिए जाने जाते थे।
हमारा संस्कृत पढ़ाने का लंबा इतिहास
विवाद बढ़ता देख दक्षिण एशियाई अध्ययन विभाग ने एक बयान जारी कर इस मामले पर खेद व्यक्त किया। विभाग ने कहा, “साउथ एशियन स्टडीज डिपार्टमेंट को संस्कृत प्रोग्राम में एक असंवेदनशील तस्वीर पोस्ट करने पर खेद है। हमारा संस्कृत पढ़ाने का एक लंबा इतिहास रहा है। हम इस भाषा और इससे जुड़ी बौद्धिक, सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
Blatant Hinduphobia and bigotry on display at @Harvard’s South Asian studies department.
A scene that feels straight out of a horror movie, starring a dark Hindu figure (notice the Tilak on his forehead) dangling some sort of ghostly figurines in his hands.
This is how… pic.twitter.com/UYzt3dQLMp
— CoHNA (Coalition of Hindus of North America) (@CoHNAOfficial) February 27, 2026
यूनिवर्सिटी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समीक्षा कर रही
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह सोशल मीडिया पर अपने इंटरनल प्रोसेस का रिव्यू कर रहा है, ताकि पोस्ट विभाग के मिशन और मूल्यों के अनुरूप हों। साथ ही विभाग ने यह भी कहा, “हम यह भी साफ करना चाहेंगे कि जिस सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद हो रहा है, उसका ‘द लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली साउथ एशिया इंस्टीट्यूट’ से कोई संबंध नहीं है। ‘द लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली साउथ एशिया इंस्टीट्यूट’ हार्वर्ड में एक अलग और खास इकाई है।
संगठन ने विवादित पोस्ट पर माफी मांगने का स्वागत किया
कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका संगठन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विवादित पोस्ट पर माफी मांगने का स्वागत किया। संगठन ने एक्स पर अपना बयान साझा करते हुए इसे एक दुर्लभ उदाहरण बताया, जहां यूनिवर्सिटी के किसी विभाग ने हिंदू समुदाय की चिंता को लेकर औपचारिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने आगे कहा कि उसे दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक संस्कृत के प्रति सम्मान देखकर खुशी हुई। संस्कृत ने दुनिया भर की सभ्यताओं को प्रभावित किया है। संगठन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि कि छात्रों को यहां कैसे संस्कृत सिखाई जा रही है?

















