महाराष्ट्र में मालेगांव महानगरपालिका के बिजली विभाग के कार्यालय में नमाज पढ़ने के मामले में लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान, सलीम इक्का समेत पांच अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने गुरुवार (26 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। एफआई की कॉपी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने, अवैध रूप से इकट्ठा होने, सरकारी कर्मचारी पर हमला, दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराओं के तहत लुकमान, सलीम इक्का और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुस्लिमों की भीड़ को नमाज पढ़ते हुए देखा गया
दरअसल, मालेगांव महानगरपालिका के बिजली विभाग (इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट) के कार्यालय में बुधवार (25 फरवरी) दोपहर को कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में सरकारी कार्यालय के अंदर आई मुस्लिमों की भीड़ को नमाज पढ़ते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने के बाद यूजर्स ने जमकर बवाल किया। उन्होंने इसे कानून और संविधान का मजाक बताते हुए कहा कि सरकारी कार्यालय कोई धार्मिक स्थल नहीं होता। यह मामला तब और बढ़ गया जब भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इसमें शामिल लोगों और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पूरा मामला शहर के एक वार्ड में लंबे समय से चली आ रही बिजली की समस्या से जुड़ा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब इसी मुद्दे को लेकर मालेगांव लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान कमाल के नेतृत्व में वार्ड के लोगों ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग (इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट) में धरना दिया। समिति ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें मीटिंग के लिए बुलाकर घंटों तब इंतजार कराया। इस बीच असर की नमाज का वक्त हो गया। ऐसे में रमजान के महीने में धरने के दौरान हमने असर की नमाज बिजली विभाग के दफ्तर में ही पढ़ी। अगर हम चले जाते, तो ऑफिस बंद हो जाता और अगले दिन हमें बिजली नहीं मिलती। इसलिए वहां मौजूद हम सभी लोगों ने बिजली विभाग के ऑफिस के अंदर ही नमाज पढ़ने का फैसला लिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है।

















