संस्कृति पर साम्यवादी चोट
July 14, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

संस्कृति पर साम्यवादी चोट

'दिल्ली क्वियर प्राइड' एक चेतावनी है कि अगर हम चुप रहे, तो फ्रैंकफर्ट स्कूल का सांस्कृतिक मार्क्सवाद हमारी सभ्यता का अंत कर देगा। हमें एकजुट होकर विकृत वामपंथी विचारों का विरोध करना चाहिए। भारत को अपनी जड़ों पर दृढ़ रहना होगा, जहां नैतिकता, परिवार और संस्कृति सर्वोपरि है

Written byडॉ. अभिषेक उपाध्यायडॉ. अभिषेक उपाध्याय
Feb 25, 2026, 08:41 am IST
in विश्लेषण
‘दिल्ली क्वियर प्राइड’ में शामिल युवा

‘दिल्ली क्वियर प्राइड’ में शामिल युवा

हाल ही में दिल्ली में ‘दिल्ली क्वियर प्राइड’ आयोजित हुआ। इससे एक बार फिर पता चला कि कैसे हमारे समाज की नींव को व्यवस्थित रूप से खोखला किया जा रहा है। आगे बढ़ने से पहले क्या है ‘क्वियर प्राइड’, इसे समझना होगा। यह एक ऐसा जुलूस है, जहां लोग अपनी यौन पहचान को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करते हैं, रंग-बिरंगे झंडों के साथ नाचते-गाते सड़कों पर उतरते हैं। लेकिन क्या यह वाकई स्वतंत्रता का उत्सव है? नहीं, यह सांस्कृतिक मार्क्सवाद का उपकरण है, जो हमारे युवाओं को भटकाने के लिए बनाया गया है। ‘दिल्ली क्वियर प्राइड’ ने न केवल अश्लीलता फैलाई, बल्कि हमारी युवा पीढ़ी के मन को भी प्रादूषित किया। इनका एक ही उद्देश्य है युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से काटना।

हालांकि इस आयोजन के समर्थक दावा करते हैं कि यह समानता और अधिकारों की लड़ाई है। लेकिन सचाई यह है कि यह फ्रैंकफर्ट स्कूल के कार्यक्रम का हिस्सा है, जो वामपंथी ताकतों द्वारा प्रायोजित है। विदेशी पैसे से चलने वाले एनजीओ, वामपंथी छात्र संगठनों और वामपंथी मीडिया घराने इसे बढ़ावा देते हैं, ताकि भारत की सनातन संस्कृति को कमजोर किया जा सके। ब्रिटिश शासन ने भी भारत की सनातन संस्कृति पर हमला किया था, और आज यह सांस्कृतिक मार्क्सवाद के रूप में जारी है।

यह आयोजन, जो समलैंगिकता और अन्य गैर-परंपरागत यौन प्रवृत्तियों को बढ़ावा देता है, न केवल हमारी सनातन संस्कृति पर हमला है, बल्कि परिवार, नैतिकता और राष्ट्र की एकता को भी खतरे में डाल रहा है। यह ‘क्वियर प्राइड’ फ्रैंकफर्ट स्कूल के 11-सूत्री कार्यक्रम और सांस्कृतिक मार्क्सवाद का स्पष्ट प्रतिबिंब है, जो 20वीं शताब्दी में जर्मनी से निकला एक वैचारिक षड्यंत्र है। जब मार्क्सवाद की आर्थिक भविष्यवाणियां गलत साबित हुईं और मजदूरों ने विद्रोह नहीं किया, तो मार्क्सवाद ने एक ‘सांस्कृतिक मोड़’ लिया, और फ्रैंकफर्ट स्कूल के मार्क्सवादी विचारकों, जैसे थियोडोर एडोर्नो और मैक्स हॉर्कहाइमर, ने सांस्कृतिक मार्क्सवाद के माध्यम से पारंपरिक समाज को अंदर से तोड़ने की योजना बनाई।

काल्पनिक और झूठे जातिवाद संबंधी अपराधों का निर्माण, निरंतर परिवर्तन से भ्रम पैदा करना, बच्चों को सेक्स और समलैंगिकता की शिक्षा देना, शिक्षकों के प्रभुत्व को कमजोर करना, बड़े पैमाने पर घुसपैठ से राष्ट्रीय पहचान नष्ट करना, अत्यधिक नशाखोरी को बढ़ावा देना, मंदिरों और धार्मिक आस्थाओं पर कुठाराघात करना, न्याय व्यवस्था को पक्षपाती घोषित करके उसके प्रति अविश्वास पैदा करना, सरकारी योजनाओं पर लोगों की निर्भरता बढ़ाना, मीडिया पर नियंत्रण रखना, परिवार व्यवस्था का विघटन करना-ये काम हैं इनके।

‘दिल्ली क्वियर प्राइड’ के माध्यम से समलैंगिकता और अन्य गैर-परंपरागत यौन प्रवृत्तियों को बढ़ावा देकर परिवार और नैतिक मूल्यों को नष्ट किया जा रहा है। वामपंथी ताकतें भारत जैसे देशों में अपनी विचारधारा थोप रही हैं, ताकि भारत की सनातन संस्कृति कमजोर हो और वैश्विक नियंत्रण आसान बने।

‘दिल्ली क्वियर प्राइड’ में प्रदर्शित अश्लीलता ने समाज की मर्यादाओं को तार-तार कर दिया। आयोजन में भाग लेने वाले लोग अर्धनग्न अवस्था में सड़कों पर नाचते-कूदते दिखे, जहां पुरुष महिलाओं के वेश में और महिलाएं पुरुषों के वेश में अशोभनीय हरकतें कर रही थीं। कुछ प्रतिभागियों ने सार्वजनिक रूप से चुंबन और अन्य यौन-संबंधी इशारे किए, जो बच्चों और परिवारों के सामने अश्लीलता की हद पार कर गए।

रंग-बिरंगे परिधानों के नाम पर वस्त्रहीनता को बढ़ावा दिया गया, और कुछ बैनरों पर ऐसे नारे थे जो पारंपरिक यौन नैतिकता का मजाक उड़ाते थे। ऐसी अश्लीलता न केवल हमारी संस्कृति को कलंकित करती है, बल्कि युवाओं में विकृत विचारों को बोती है, जो अंततः परिवार संस्था के विघटन का कारण बनती है।
(लेखक बी.जे.बी. स्वयंशासित सरकारी महाविद्यालय, भुवनेश्वर में प्रोफेसर हैं)

Topics: पारंपरिक नैतिकतासांस्कृतिक विरासतनैतिक मूल्यसनातन संस्कृतिविकृत वामपंथी विचारसांस्कृतिक मार्क्सवादपरिवार व्यवस्थाCultural Marxismगैर-परंपरागतअश्लीलतालोक-मर्यादापाञ्चजन्य विशेषअत्यधिक नशाखोरीवामपंथी विचारघुसपैठ से राष्ट्रीय पहचानपरिवर्तन का दौरधार्मिक विरासतसांस्कृतिक और सामाजिक
डॉ. अभिषेक उपाध्याय
डॉ. अभिषेक उपाध्याय
लेखक बी.जे.बी. स्वयंशासित सरकारी महाविद्यालय, भुवनेश्वर में प्रोफेसर हैं [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

तुर्किये में डॉक्टरों पर एक्शन

तुर्किये में सिजेरियन डिलीवरी कराने वाले 100 डॉक्टर सस्पेंड? क्यों उठाया ये कदम, कैसे मचा बवाल?

अयोध्या में स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज और श्री कृष्ण मोहन मीडिया को उन वस्तुओं को दिखाते हुए, जिनके बारे में कहा गया कि वे गायब हैं।

असहज अवश्य किन्तु आस्था अडिग

आस्था को लांछित करने का कुचक्र

अयोध्या में आस्था का सागर (फाइल चित्र)

आस्था पर चोट सही, नीयत में खोट नहीं!

असत्य का नहीं होता अस्तित्व6 जुलाई को अयोध्या में आयोजित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक में उपस्थित सदस्य

असत्य का नहीं होता अस्तित्व

वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर (5) : निबंधकार और कृतिशील समाज-सुधारक

Load More

ताज़ा समाचार

समान नागरिक संहिता के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रतिवेदन सौंपा।

MP में लिव-इन का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य, समिति ने मुख्यमंत्री को सौंपा UCC का फाइनल प्रतिवेदन

सुधांशु त्रिवेदी, राष्ट्रीय प्रवक्ता भाजपा

मुंबई आतंकी हमले को कांग्रेस हिंदू टेरर का रंग देना चाहती थी, ISI और कांग्रेस के बीच फिक्स्ड मैच था : सुधांशु त्रिवेदी

सुधांशु त्रिवेदी और राहुल गांधी

वायनाड में आपदा और सांसद देश से गायब, घोर असंवेदनशीलता दर्शाने वाला गांधी परिवार माफी मांगे : भाजपा

प्रतीकात्मक चित्र

पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा मोहम्मद अहद गिरफ्तार, शहजाद भट्टी कनेक्शन सामने आया

अश्लील सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर इंस्टाग्राम ने भारत सरकार को दिया जवाब, जानिये क्या है मामला?

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

US-Iran War: ट्रंप ने कहा-होर्मुज को अपने कंट्रोल में लेगा अमेरिका, जहाजों से वसूलेगा 20 फीसदी शुल्क

तुर्किये में डॉक्टरों पर एक्शन

तुर्किये में सिजेरियन डिलीवरी कराने वाले 100 डॉक्टर सस्पेंड? क्यों उठाया ये कदम, कैसे मचा बवाल?

श्रीजगन्नाथ मंदिर में संपन्न हुई राजप्रसाद बिजे नीति, गजपति महाराज को दी गई महाप्रभु के स्वस्थ होने की सूचना

Explainer: आत्मनिर्भर भारत की नई क्रांति का नाम है E-20, अन्नदाता से ऊर्जादाता बनने की शुरुआत

supreme court

काशी, मथुरा और संभल मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के समझौते प्रस्ताव से दोनों पक्षों ने किया इनकार

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies