संभल। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका पर मंगलवार 24 फरवरी को जिला न्यायालय में सिविल जज सीनियर डिवीन आदित्य सिंह के कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 24 मार्च 2026 नियत की है।
उल्लेखनीय है कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहां 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी। इसी पर आज सुनवाई प्रस्तावित थी। इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 8 जनवरी को हुई थी। आज हुई सुनवाई में न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 24 मार्च तय की है।

जानकारी देते हुए वादी पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि 24 मार्च को होगी, चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। न्यायालय के सर्वे के आदेश के विरोध में मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया; इसके बाद हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीन कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है जिससे उनका स्टे ऑर्डर बरकार है; ऐसे में सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 24 मार्च 2026 दी है।
वही इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि जो मुकदमा 19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल के यहां प्रस्तुत हुआ था उसकी आज सुनवाई थी। जिसमें 24 मार्च 2026 की तिथि दी है क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है अभी इसका ऑर्डर फाइनल नहीं हुआ है। क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीन कोर्ट गया था। वहीं मस्जिद पक्ष के द्वारा डब्लूएस दाखिल न करने पर उनका कहना था कि क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में स्टे है इसलिए कोर्ट में कोई भी प्रोसीजर नहीं हो सकता इसलिए डब्लूएस दाखिल नहीं किया गया है।

















