ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका लगातार ईरान पर डील के लिए दवाब बना रहा है। इसी के तहत अमेरिका समुद्र के रास्ते लगातार घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में ट्रंप ने सैन्य विकल्प के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनके निशाने पर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट में आई है, जिसमें ट्रंप प्रशासन के सीनियर सोर्सेस का जिक्र है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को साफ कहा है कि अगर तेहरान एक मीनिंगफुल न्यूक्लियर डील पर राजी नहीं होता, तो बुरी चीजें हो सकती हैं। अभी भी जिनेवा, स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही हैं। ये बातचीत न्यूक्लियर स्टैंडऑफ को कम करने के लिए है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम काफी हद तक रोक दे या खत्म कर दे, क्योंकि उसकी यूरेनियम एनरिचमेंट और स्टॉकपाइल से प्रोलिफरेशन का खतरा है। ईरान कहता है कि उसका प्रोग्राम सिर्फ सिविलियन (शांतिपूर्ण) है और न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाना चाहता। वो परिस्करण को अपना हक मानता है।
मिलिट्री ऑप्शन्स क्या हैं
ट्रंप को डिफेंस डिपार्टमेंट से कई ऑप्शन्स दिए गए हैं। इनमें एक सीनियर एडवाइजर के मुताबिक ऐसा प्लान भी है जो “अयातुल्ला खामेनेई और उसके बेटे और मुल्लाओं को टेक आउट” कर सकता है। मोजतबा खामेनेई को उनके पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। एक एडवाइजर ने कहा, “प्रेसिडेंट ने अभी स्ट्राइक का फैसला नहीं किया है। वो कभी भी कर सकते हैं या कभी नहीं भी।” एक और एडवाइजर ने कहा कि ट्रंप सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं और कभी भी अटैक का फैसला ले सकते हैं। व्हाइट हाउस की तरफ से स्पोक्सपर्सन अन्ना केली ने कहा कि मीडिया जितना चाहे ट्रंप के मन की बात करे, लेकिन सिर्फ प्रेसिडेंट ही जानते हैं कि वो क्या करेंगे।
अमेरिका की मिलिट्री तैयारी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने काफी बड़ी तादाद में फोर्सेस भेजी हैं, जो कि 2003 के इराक युद्ध के बाद सबसे ज्यादा एयर पावर है। इसमें एडवांस्ड फाइटर जेट्स जैसे F-35, F-22, F-15, F-16 शामिल हैं, साथ में कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट और एयर डिफेंस सिस्टम्स मजबूत किए गए हैं। नेवी में 13 शिप्स हैं, जिनमें USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर और 9 मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स शामिल हैं। दूसरा कैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड और उसका ग्रुप रास्ते में है। सारे फोर्सेस मिड-मार्च तक पूरी तरह जगह पर होंगे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी मिलिट्री इस वीकेंड तक भी एक्शन के लिए तैयार हो सकती है, लेकिन ट्रंप ने अभी कोई ऑर्डर नहीं दिया।
















