उत्तराखंड : उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर 2025 को भड़की हिंसा के मामले में पुलिस की ओर से बड़ा एक्शन हुआ है। हिंसा के दौरान पुलिस पर हमला करने वाले आरोपियों तक हथियार पहुंचाने का मामला सामने आया था। इसके बाद से इस गिरोह की जांच चल रही थी। बहेड़ी पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के दौरान सरगना हिस्ट्रीशीटर इशरत अली भाग निकला। वह बरेली बवाल के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा से जुड़ा बताया जा रहा है। यह अंतरराज्यीय गिरोह हथियारों की सप्लाई में जुटा था।
उत्तराखंड में हथियार की सप्लाई करने जाने के दौरान दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। ये भी जानकारी मिली है कि उत्तराखंड में इस गिरोह ने कई बार उधम सिंह नगर जिले के सीमावर्ती गांव में पनाह ली है, इस मामले में गफ्फार नाम के व्यक्ति की तरफ यूपी पुलिस ने शक की सूइयां घुमाई है जोकि किच्छा ग्रामीण क्षेत्र का रहने वाला है।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, बवाल के दौरान हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क का सरगना इशरत अली है। वह बवाल के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा के साथी फरहत अली का सगा भाई है। फरहत के फाइक एन्क्लेव स्थित घर से ही मौलाना और फरहत की गिरफ्तारी हुई थी।
इशरत और उसका एक साथी पुलिस की कार्रवाई के दौरान भाग निकले थे। एक बार फिर वह पुलिस की कार्रवाई के दौरान फरार हो गया।यूपी पुलिस सूत्र बताते है कि ये गिरोह वारदात करने के बाद उत्तराखंड और नेपाल में छिप जाता है।
बरहाल यूपी पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस के साथ जानकारियां साझा की है। किच्छा दरूऊ सीमांत क्षेत्रों में उत्तराखंड पुलिस के साथ बहेड़ी पुलिस ने सर्च ऑपरेशन भी चलाया है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की है।

















