महाराष्ट्र के वसई-विरार में सकल हिंदू समाज ने सनी यादव बनकर नाबालिग हिंदू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसाने और फिर उन्हें बेच देने वाले शकील अहमद को पकड़ा है। बताया जा रहा है कि उसने नकली हिंदू पहचान का इस्तेमाल करके पहले नाबालिग हिंदू लड़कियों से अपने झूठे प्यार के जाल में फंसाया, फिर उन्हें छत्रपति संभाजीनगर (पहले औरंगाबाद) में एक मस्जिद के पास 20-50 हजार रुपये में बेच दिया। सोशल मीडिया पर शकील अहमद का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपना जुर्म कबूल करते हुए दिखाई दे रहा है।
हिंदू युवतियों को फंसाने वाला आरोपी रंगे हाथों पकड़ा गया
सकल हिंदू समाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह वीडियो साझा करते हुए लिखा, “इस जिहादी का नाम शकील अहमद है। यह मुंबई के पास स्थित नालासोपारा में एक हिंदू युवती को अपने साथ ले जाने के लिए आया था। इसको सकल हिंदू समाज ने रंगे हाथों पकड़ा है। जब इससे सख्ती से पूछताछ की गई तो इसने अपना नाम शकील अहमद बताया और कहा कि वह अभी तक छह हिंदू लड़कियों को अपने झूठे प्रेम के जाल में फंसा चुका है। वह इनसे देह व्यापार का धंधा करवाता है और औरंगाबाद में एक मस्जिद के पास मदरसा है वहां वह उन्हें बेच देता है। इसके लिए उसे 20 से 50 हजार रुपये मिलते हैं। वह हिंदू लड़कियों को टारगेट करने के लिए अपनी नकली पहचान बताता है।”
किए पर कोई पछतावा नहीं
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसने बताया कि वह अभी तक छह हिंदू लड़कियों के साथ ऐसा कर चुका है। इन सभी नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाने के लिए उसने हिंदू नाम राजू, सुनील, दीपक, सनी और भोला का इस्तेमाल किया। जब लड़कियों को उस पर पूरा विश्वास हो जाता है, तो वह उन्हें अपने साथ चलने को कहता है और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के पास एक मस्जिद के पास देता है। इस काम के लिए उसे 20 से 50 हजार रुपये मिलते हैं। उसने यह भी बताया कि वह इस काम को पिछले एक साल से कर रहा है। इसके लिए उसे मोटी रकम भी मिली है। हिंदू लड़कियों को फंसाने के दौरान अगर वह पकड़ा जाता है, तो उसके समूह में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो उसे बचा लेते हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को यूजर्स ज्यादा से ज्यादा शेयर कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

















