मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नानाखेड़ा क्षेत्र में एक लवजिहादी कालनेमी जो कि हिंदू वेशभूषा में एक युवती के साथ देखा गया, पकड़ा गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिस पर पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गले में तुलसी और रुद्राक्ष की माला, माथे पर त्रिपुंड भी
दरअसल, युवक ने गले में तुलसी और रुद्राक्ष की माला, माथे पर त्रिपुंड तिलक और पीले वस्त्र धारण किए हुए था। इसी रूप में वह एक हिंदू युवती के साथ उज्जैन के एक होटल में ठहरा हुआ था। बताया जा रहा है कि उसने होटल में कमरा युवती के नाम से बुक कराया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। युवती उसे लेकर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों महाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर के दर्शन करने भी गई।
असली नाम है जफर खान
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार युवक और युवती दिल्ली और मोहाली से उज्जैन आए थे। सोमवार रात को जब वे नानाखेड़ा क्षेत्र के एक कैफे में पहुंचे, तब वहां मौजूद कुछ लोगों को उनके बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़ लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान पहले उसने खुद को हिंदू बताया, लेकिन बाद में सख्ती से पूछे जाने पर उसने अपना नाम जफर खान बताया।
नाम सामने आते ही मौके पर मौजूद लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी। बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारियों में जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक और युवती होटल में ठहरे हुए हैं और युवक हिंदू वेशभूषा में है। उनका आरोप है कि युवक ने होटल में भी अपना नाम हिंदू बताकर कमरा लिया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगी।
क्या कहती है पुलिस ?
दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक और युवती दोनों मोहाली के निवासी हैं और युवती की उम्र करीब 32 वर्ष है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि युवती को युवक के दूसरे धर्म का होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इस कारण से मामले को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस ने दोनों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
होटल में ठहरने को लेकर भी विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि युवक ने खुद को शिव भक्त बताकर और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी, ताकि किसी को ये पता न चल सके कि वह मुसलमान है। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है और होटल के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
यह मामला अब कई सवाल भी खड़े कर रहा है। एक ओर कुछ लोग इसे पहचान छिपाकर संबंध बनाने का मामला बता रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग हैं और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी या अन्य अपराध हुआ है या नहीं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है।
लव जिहाद कानून के बाद भी सामने आ रहे मामले
इसके साथ ही यहां उल्लेखित है कि “मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021” लागू होने के बाद भी लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। जिसमें हिन्दू नाम रखकर मुस्लिम बड़ी संख्या में हिन्दू बेटियों को अपने प्रेम जाल में फंसाते हुए पाए गए हैं। कानूनी प्रावधानों के अनुसार इस अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति छल, प्रलोभन, बल या दबाव के माध्यम से धर्मांतरण कराता है, तो उसे 3 से 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। नाबालिग, अनुसूचित जाति/जनजाति या महिला के मामले में दंड और कठोर हो सकता है।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, जनवरी 2020 से 15 जुलाई 2025 तक इस अधिनियम के तहत कुल 283 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इन 283 मामलों में से 73 मामले नाबालिग लड़कियों से संबंधित थे, जो कुल संख्या का लगभग 26 प्रतिशत है। जिनमें पहचान छिपाकर संबंध बनाने और कथित धोखे के आरोप प्रमुख हैं। मई 2025 में राज्य सरकार ने इन मामलों की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया था, ताकि संगठित पैटर्न या किसी बड़े नेटवर्क की आशंका की जांच की जा सके। जुलाई 2025 के बाद से अब तक अनेक नए मामले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें पहचान छिपाने या हिन्दू नाम रखने के आरोप लगे हैं।















