अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो ने हाल ही में भारत की यात्रा के दौरान ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की है। उन्होंने भारतीय सेना की टैक्टिकल एक्जीक्यूशन की खूब प्रशंसा की और कहा कि दुनिया के हर संघर्ष से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है।
पहलगाम आतंकी हमले पर जताया दुख
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में एडमिरल पापारो ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले की घटना बहुत दुखद थी। उन्होंने इसे लेकर गहरी संवेदना जताई। फिर उन्होंने भारतीय पार्टनर्स से चर्चा के आधार पर कहा, “मैं ऑपरेशन की टैक्टिकल एक्जीक्यूशन की तारीफ करता हूं। साथ ही जो संयम दिखाया गया, उसकी भी सच्ची सराहना करता हूं। हम सब मिलकर काम करें ताकि ऐसी भयानक घटना दोबारा न हो।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय सेना ने इस संघर्ष से सीखने के लिए बहुत गंभीरता दिखाई है। जब उनसे पूछा गया कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल की गई चीनी हथियारों से अमेरिका ने क्या सबक लिया, तो एडमिरल ने जवाब दिया, “कॉम्प्लेक्स लॉन्ग-रेंज हथियारों की कॉम्प्लेक्स लॉन्ग-रेंज किल चेन होती है।” 21वीं सदी में सेंसर, कम्युनिकेशन, प्रोपल्शन, वारहेड और सीकर के कॉम्बिनेशन से भूगोल अब कोई बड़ी चीज नहीं रह गया है।
एडमिरल पापारो ने इंडो-पैसिफिक इलाके में बढ़ती सहक्रिया और आक्रामकता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनका काम सबसे खराब हालात के बारे में सोचना और उसके लिए तैयार रहना है। भारत भी इन चिंताओं को साझा करता है। इंडो-पैसिफिक में दुनिया की 60 फीसदी आबादी, 60 फीसदी से ज्यादा जीडीपी और सात सबसे बड़ी मिलिट्री हैं।
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पापारो बोले-भारत-अमेरिका पुराने लोकतंत्र
दोनों देशों के रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच का डिफेंस रिलेशनशिप “स्टेपली अपवर्ड ट्रैजेक्टरी” पर है। यह दुनिया की सबसे पुरानी डेमोक्रेसी और सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के बीच का म्यूचुअली रिस्पेक्टफुल और संप्रभु रिश्ता है। दोनों सोवरेन्टी, फ्रीडम ऑफ नेविगेशन और फ्रीडम ऑफ सीज के सिद्धांतों के प्रति कमिटेड हैं। उन्होंने भारत को इंडियन ओशन रीजन की सिक्योरिटी में बड़े नेट कंट्रीब्यूटर के तौर पर सराहा।मैरीटाइम सिक्योरिटी कोऑपरेशन को और मजबूत करने की बात हुई, खासकर समंदर के अंदर डोमेन अवेयरनेस में। आने वाले MILAN एक्सरसाइज का जिक्र करते हुए एडमिरल ने कहा कि इंडो-यूएस डिफेंस पार्टनरशिप गहरा रही है। अक्टूबर 2025 में कुआलालंपुर में अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ और भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच साइन हुआ डिफेंस एग्रीमेंट इसका हिस्सा है।
युद्ध अभ्यास जैसे युद्ध अभ्यास (अलास्का में), MILAN, मालाबार सीरीज, COPE इंडिया, टाइगर ट्रायम्फ सीरीज और लोगों के बीच संपर्क से रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता दोनों देशों के लिए बहुत कीमती है।
21वीं सदी के मॉडर्न वॉरफेयर पर बात करते हुए एडमिरल ने कहा कि आगे चलकर वो देश आगे रहेंगे जो इंफॉर्मेशन एनवायरनमेंट को मास्टर कर लेंगे—स्पेस, काउंटर-स्पेस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, लो ऑब्जर्वेबिलिटी जैसी टेक्नोलॉजीज। भारत में होने वाले आगामी AI समिट पर उन्होंने पीएम मोदी की विजन की तारीफ की और कहा कि AI का डिफेंस से बहुत कनेक्शन है। अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड AI के इस्तेमाल में आगे है।

















