भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को नवरंगपुर में ‘श्रीजगन्नाथ दर्शन’ योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि श्रीजगन्नाथ समस्त जगत के नाथ हैं, इसलिए उनके दर्शन के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओडिशा के प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार सम्मानपूर्वक महाप्रभु के दर्शन का अवसर मिले, इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि जिस दिन राज्य का प्रत्येक गरीब व्यक्ति बिना किसी बाधा के महाप्रभु के गोल नेत्रों से अपना नेत्र मिलाकर श्रद्धा के आँसू बहा सकेगा, उसी दिन उनका मुख्यमंत्री पद सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी भक्त की संतुष्टि और प्रसन्नता ही उनके लिए सर्वोच्च पुरस्कार होगी। उल्लेखनीय है कि आज राज्य के नवरंगपुर, भद्रक, बारिपदा, संबलपुर तथा ब्रह्मपुर से इस योजना का एक साथ शुभारंभ किया गया। पांचों जिलों से लगभग 500 श्रद्धालु तीर्थयात्री एस्कॉर्ट अधिकारियों के साथ पुरी के लिए रवाना हुए। योजना के अंतर्गत चालू वर्ष में 5,000 हितग्राहियों को दर्शन कराने तथा आगामी चार वर्षों में एक लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों को महाप्रभु के दर्शन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

क्या है श्रीजगन्नाथ दर्शन योजना ?
इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 60 से 75 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों तथा 75 वर्ष तक की आयु की विधवा माताओं को शामिल किया गया है। सभी लाभार्थियों के लिए एसी बसों से यात्रा की व्यवस्था की गई है। पुरी स्थित वृंदावती निवास में उनके ठहरने तथा महाप्रसाद ग्रहण करने की समुचित व्यवस्था भी सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है।
नवरंगपुर में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवरंगपुर जिले की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी। नवरंगपुर के पातालगुड़ा में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर स्थापित होने वाले इस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 100 एमबीबीएस सीटें तथा 420 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान की स्थापना के बाद जिले के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए अन्य जिलों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और आधुनिक उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उनकी सरकार के गठन के मात्र 20 महीनों के भीतर जाजपुर, कंधमाल और तालचेर में तीन नए मेडिकल कॉलेज कार्यात्मक हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त ढेंकानाल, जगतसिंहपुर और भद्रक में भी शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और चिकित्सकों की कमी को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है।
446 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवरंगपुर जिले के लिए 446 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 177 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 112 परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 378 करोड़ रुपये की लागत वाली 65 परियोजनाओं की आधारशिला शामिल है। इन परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल, छात्रावास, वन सुरक्षा समितियां और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी विभिन्न विकासात्मक योजनाएं सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं नवरंगपुर जिले की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेंगी।
उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भले ही नवरंगपुर राज्य की राजधानी से भौगोलिक रूप से दूर हो, लेकिन विकास की धारा से यह जिला कभी दूर नहीं रहेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘श्रीजगन्नाथ दर्शन’ योजना के लाभार्थियों को किट बैग वितरित किए तथा निर्माण श्रमिक कल्याण योजना और सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की।
मंत्रियों ने जताई प्रतिबद्धता
उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह एक बार श्रीमंदिर जाकर बाइस पाखा चढ़े और महाप्रभु के दर्शन करे। राज्य सरकार ने सामान्य जन की इसी भावना को साकार रूप दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री का स्वप्न परियोजना है और नवरंगपुर के लिए मेडिकल कॉलेज एक जीवनरेखा सिद्ध होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुक़ेश महालिंग ने कहा कि तीन दशक पूर्व राज्य में मात्र तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से सभी जिलों में आवश्यकता के अनुरूप मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। वर्ष 2024-25 में राज्य में नौ नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। अनुसूचित जनजाति एवं जाति विकास तथा विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने नवरंगपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य वर्षों से लंबित था, उसे अल्प अवधि में पूरा कर दिखाया गया है।
कार्यक्रम में नवरंगपुर सांसद बलभद्र माझी, राज्यसभा सांसद मुझिबुल्ला खान, नवरंगपुर विधायक गौरीशंकर माझी, झरिगांव विधायक नरसिंह भत्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















