गत 8 फरवरी को नई दिल्ली में ‘घर-वापसी सम्मेलन’ नाम से एक कार्यक्रम हुआ। इसमें 25 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, उद्यमी और घर-वापसी में लगे कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर घर-वापसी अभियान से संबंधित विभिन्न सामाजिक, कानूनी, आर्थिक एवं राजनीतिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
साथ ही, इन चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए ठोस और व्यावहारिक उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में देशभर में कार्यरत घर-वापसी से जुड़े संगठनों के बीच समन्वय, संवाद और सहयोग को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष डिजिटल मंच-www.sanatansamvaad.com का औपचारिक अनावरण भी किया गया।
सम्मेलन में यह संकल्प लिया गया कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण हेतु घर-वापसी अभियान को देशभर में सशक्त रूप से चलाया जाएगा तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए संगठित और सतत प्रयास किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘हिंदू जनजागृति समिति’, ‘सनातन घरवापसी फाउंडेशन’ तथा ‘सनातन संवाद’ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

















