पंजाब : तमिलनाडू की विकृत स्टालिनवादी और महाराष्ट्र की ठाकरेवादी संकीर्ण क्षेत्रीय सोच को पीछे छोड़ते हुए पंजाब में कुछ लोगों ने निम्नता का नया उदाहरण पेश किया है। कुछ बंदूकधारियों ने दूसरे राज्यों से आए मजदूरों पर फायरिंग कर दो को घायल कर दिया और इन मजदूरों को बाहर निकालने की बात कही।
मोगा जिले में हुई घटना
पंजाब में मोगा के जीरा रोड पर एक शैलर पर काम करने वाले मजदूरों पर हमला हुआ है। काम खत्म कर रोटी खाने जा रहे दूसरे राज्यों से आए इन मजदूरों पर बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावारों ने गोलियां चला दी और मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका सहम गया है। गोली लगने से दो मजदूर गंभीर घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं। घटनास्थल पर सबूत जुटाए जा रहे हैं।
खाना खाने जा रहे थे मजदूर
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जीरा रोड स्थित एक शैलर पर 7 से 8 मजदूर काम खत्म करके अपने किराये के कमरे में जा रहे थे। जैसे ही मजदूर निकले तभी बाइक पर आए तीन हमलावारों ने उनपर ताबड़तोबड़ कई राउंड फायर कर दिए। गोलियां चलते ही मजदूर बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। दो मजदूरों को गोली लगी है। दोनों को मोगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में अशोक कुमार और सुबोध माझी है, जो अपने 5/6 साथियों के साथ जा रहे थे। सेलर से कुछ ही दूरी पर उनपर हमला हो गया।
शैलर में पल्लेदारी करते हैं मजदूर
बताया जा रहा है कि सभी मजदूर पल्लेदारी का काम करते थे। ज्ञात रहे कि किसी समय पंजाब के मजदूर ही यह काम करते थे परंतु अब दूसरे राज्यों से आए मजदूरों ने इस काम में स्थानीय मजदूरों का एकाधिकार समाप्त कर दिया है।
लाडी और निरवैर नामक लोगों ने ली जिम्मेवारी
वहीं प्रवासी मजदूरों पर गोलियां चलाने को जिम्मेदारी लाडी भलवान और निरवेर सिंह ने ली। उन्होंने सोशल मीडिया पर गोलियां चलाते हुए का वीडियो भी शेयर किया है। पोस्ट में लिखा कि ‘यूपी और बिहार से यहां पंजाब में आकर पंजाब को अपने बाप की जागीर समझ रहे हैं। पंजाब का माहौल खराब कर रहे हैं। पिछले दिनों सबने देखा कि इन्होंने पंजाब में आकर क्या किया। पंजाब के बच्चों के साथ जो किया, इसके लिए उनपर कोई सख्ती नहीं हुई।’ ज्ञात रहे कि पिछले साल होशियारपुर में दूसरे राज्य से आए एक युवक ने एक बच्चे के साथ दुराचार किया और बाद में उसकी हत्या कर दी थी। अब आरोपी जेल में है। इस घटना की आड़ में नफरतवादी लोग पूरे समुदाय के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं जो अब हिंसक रूप धारण करता दिख रहा है।
पहले भी होती रही है हिंसक घटनाएं
पंजाब में एक कट्टड़वादी वर्ग दूसरे राज्यों से आए मजदूरों को नफरत भरी नजरों से देखता आया है और यह वर्ग इन्हें अपमानजनक रूप से भैया कह कर संबोधित करता है। पंजाब के कई गांवों में इन मजदूरों के खिलाफ प्रस्ताव तक पारित होते रहे हैं जिनमें इन्हें गांव छोडऩे, इन्हें काम पर रखने वालों का बहिष्कार करने, मारपीट करने, बहिष्कार करने जैसी आपराधिक घटनाएं होती रही हैं। आतंकवाद के समय भी आतंकी इस वर्ग को निशाना बनाते रहे हैं।











