उत्तर प्रदेश ग्रेटर नोएडा से ईसाई मतांतरण का मामला प्रकाश में आया है। जहां पुलिस ने गरीब परिवारों को पैसे देने और बीमारियों को ठीक करने का लालच देकर ईसाई मत अपनाने के लिए उकसाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में बीटा-2 थाना पुलिस ने सेक्टर-36, बी ब्लॉक के मकान नंबर बी-224 के बेसमेंट में चल रही प्रार्थना सभा पर छापा मारा। वहां से कई मिशनरियों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार की दोपहर को सोसायटी के कुछ लोगों को शक हुआ कि मकान के बेसमेंट में बड़ी संख्या में लोग जमा हैं और वहां प्रार्थना हो रही है। एक प्रत्यक्षदर्शी मोहन सिंह ने सूचना दी कि गेट बंद कर लोगों को इकट्ठा किया जा रहा है। RWA अध्यक्ष अजय भाटी ने भी लोगों को इकट्ठा किया और डायल-112 पर कॉल किया। जल्द ही प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार और उनकी टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस पहुंचने पर आरोपितों ने गेट खोलने में नोकझोंक की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने अंदर जाकर स्थिति देखी। वहां करीब 60-70 लोग, ज्यादातर महिलाएं और पुरुष, प्रार्थना में बैठे थे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया और बाद में दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा मामले में पुलिस ने राजस्थान के बांसवाड़ा के रहने वाले व्यक्ति सुरेश कुमार, आदिवासी समुदाय से है जो कि एक टैक्सी चालक। पता चला है कि वह फिलहाल ग्रेटर नोएडा के सिग्मा-2, मकान सी-28 में रहता है। इस मामले में ऐच्छर का रहने वाला गजेंद्र सिंह का बेटा चंद्रकिरण और सुरेश के पत्नी आशा और साली गीता को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों मुख्य आरोपी सुरेश और चंद्रकिरण हिंदू हैं।
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क्या-क्या बरामद हुआ
बेसमेंट में बने प्रार्थना स्थल से ईसाई धर्म से जुड़ी काफी सामग्री मिली — धार्मिक किताबें, क्रॉस के चिह्न, मोमबत्तियां और अन्य सामान। पुलिस ने पूरे मकान और सामग्री को सील कर दिया।
आरोप क्या हैं
पुलिस के मुताबिक, ये लोग गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे। उन्हें रुपये देने, बीमारों को रोगमुक्त करने का वादा करने, बच्चों को फ्री पढ़ाई और उपहार देने का लालच देकर प्रार्थना सभाओं में बुलाते थे। वहां ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जाता था। हालांकि आरोपितों ने इनकार किया और कहा कि वे सिर्फ गरीब बच्चों को पढ़ाने और मदद करने का काम करते हैं। कोई जबरदस्ती या बड़े पैमाने पर पैसे का लेन-देन का जिक्र नहीं मिला।
पुलिस की कार्रवाई
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि बिना अनुमति के ऐसी सभाएं चल रही थीं, इसलिए चेतावनी दी गई। मतांतरण के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। जांच जारी है और आगे के सबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी। सोसायटी वालों का कहना है कि लंबे समय से ऐसे लालच देकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही थी।
















