बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के पिपरिया गांव में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। वर्ष 2008 में ही राजस्व न्यायालय ने बेदखली का आदेश पारित किया था। मगर इस अस्थाई मस्जिद को बचाने के लिए वहां के नमाजियों ने याचिका दाखिल की थी । कई वर्षों की न्यायिक लड़ाई के बाद आज बरेली के जिला प्रशासन ने बुलडोजर चला कर मस्जिद को ध्वस्त करा दिया।
उल्लेखनीय है कि अस्थाई मस्जिद का निर्माण वर्ष 2008 से विवादित था। राजस्व न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष का दावा खारिज करने के बाद बेदखली का आदेश दिया था इसके बाद मुस्लिम पक्षकार सिविल न्यायालय में गए थे।
सिविल न्यायालय में कई वर्षों तक याचिका लंबित रहने के बाद न्यायालय का निर्णय आया। सिविल न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष का दावा खारिज कर दिया। इसके बाद बरेली जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की उपस्थिति में बुलडोजर चलाकर मस्जिद को ध्वस्त कर दिया।
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में बंजर और सरकारी भूमि गाटा संख्या 1474 पर इस अस्थाई मस्जिद को बनाया गया था। इस अस्थाई मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले लोगों ने ही याचिका दाखिल की थी। याचिका खारिज हो जाने के बाद मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। वर्ष 2008 से मुकदमा चल रहा था। राजस्व न्यायालय ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे। बेदखली की प्रक्रिया में अर्थदंड का भी प्रावधान है। अर्थदंड पक्षकारों से जमा कर लिया गया था।

















