जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आज सुबह एक बार फिर आतंकवादियों के साथ गोलीबारी शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकियों को घेर लिया है और ऑपरेशन जारी है।
क्या है पूरा मामला
यह घटना किश्तवाड़ जिले के दोलगाम इलाके में हुई है, जो एक सामान्य क्षेत्र है। आज 31 जनवरी 2026, शनिवार की सुबह-सुबह सुरक्षाबलों को आतंकियों से दोबारा संपर्क हुआ और गोलीबारी शुरू हो गई। दोनों तरफ से फायरिंग हो रही है।
इस अभियान में कौन शामिल है
सुरक्षाबलों की तरफ से व्हाइट नाइट कोर (सेना), जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवान ऑपरेशन में लगे हुए हैं। यह संयुक्त ऑपरेशन ‘त्राशी-I’ के तहत चल रहा है। दूसरी तरफ जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी हैं, जो पिछले कुछ समय से इलाके में छिपे हुए थे। यह ऑपरेशन पिछले कई दिनों से चल रहा है। 18 जनवरी 2026 को किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में पहली बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक पैरा कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हो गए थे और आठ जवान घायल हुए थे।
उसके बाद 22 और 25 जनवरी को भी सुरक्षाबलों ने आतंकियों से संपर्क किया था, लेकिन वे जंगल में गहरे में घुस गए थे। आज सुबह चौथी बार संपर्क हुआ है। इलाके की चारों तरफ से घेराबंदी कर ली गई है और तलाशी-अभियान चल रहा है। बर्फीले इलाके में यह काम काफी मुश्किल हो रहा है। ऑपरेशन के दौरान सिंहपोरा, चिंगम और चतरू इलाकों को कवर करने वाले करीब 6 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं, ताकि कोई गड़बड़ न हो और ऑपरेशन सुचारु रूप से चले। अभी तक किसी तरह की हानि या शहीद/घायल होने की कोई नई रिपोर्ट नहीं आई है।
किश्तवाड़ में बढ़ी हैं आतंकी गतिविधियां
किश्तवाड़ के जंगली और ऊंचे इलाकों में पिछले कुछ महीनों से जैश-ए-मोहम्मद के इस ग्रुप की गतिविधियां देखी जा रही थीं। उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने हाल ही में किश्तवाड़ का दौरा किया था और आतंकवाद विरोधी ग्रिड की समीक्षा की थी। खुफिया जानकारी के आधार पर ही यह पूरा अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबल इन तीनों को खत्म करने के लिए पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।

















