Red Fort blast: श्रीनगर के नौगाम इलाके में शुक्रवार रात को पुलिस स्टेशन पर एक हादसे में विस्फोट हो गया। ये विस्फोट तब हुआ जब पुलिस वाले फरीदाबाद से जब्त की गई विस्फोटकों की सामग्री से सैंपल निकाल रहे थे। इस घटना में 6 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक टीम के सदस्य थे। 27 लोग घायल हुए, जिसमें 24 पुलिस वाले और 3 आम नागरिक शामिल हैं। पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, और आशंका है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। ये सामग्री ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल केस से जुड़ी थी, जो हाल ही में सामने आया था।
विस्फोट कैसे हुआ?
शुक्रवार रात को नौगाम पुलिस स्टेशन पर जब पुलिस टीम 360 किलोग्राम विस्फोटक रसायनों से सैंपल ले रही थी, तभी अचानक धमाका हो गया। ये रसायन हरियाणा के फरीदाबाद से एक किराए के घर से जब्त किए गए थे, जो गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल गनाई का था। विस्फोट इतना जोरदार था कि स्टेशन की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा। शुरुआती धमाके के बाद छोटे-छोटे लगातार विस्फोट हुए, जिससे बम डिस्पोजल स्क्वायड का रेस्क्यू ऑपरेशन थोड़ी देर के लिए रुक गया। एंबुलेंस और पुलिस गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं, और घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शवों को श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम ले जाया गया है, जहां पहचान की कोशिश चल रही है।
घायलों और मृतकों की स्थिति
मरने वालों में ज्यादातर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक टीम के लोग थे। घायलों में 24 पुलिस वाले हैं, और तीन सिविलियन भी चोटिल हुए। पांच लोग क्रिटिकल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि टोल बढ़ सकता है। सभी घायलों को तुरंत मेडिकल मदद दी गई, और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ये हादसा रात के शांत समय में हुआ, जिससे इलाके में हलचल मच गई।
आतंकी मॉड्यूल का पूरा बैकग्राउंड
ये विस्फोटक ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे, जो अक्टूबर मध्य में बुनपोरा, नौगाम की दीवारों पर सुरक्षा बलों को धमकी देने वाले पोस्टर लगने के बाद पकड़ा गया। 19 अक्टूबर को श्रीनगर पुलिस ने केस दर्ज किया और स्पेशल टीम बनाई। सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर अरिफ निसार दार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद दार उर्फ शाहिद को गिरफ्तार किया गया। ये तीनों पहले पत्थरबाजी केसों में आरोपी थे, और इन्होंने ही पोस्टर चिपकाए थे। पूछताछ में पता चला कि मॉड्यूल के पीछे शोपियां के मौलवी इरफान अहमद थे, जो पूर्व पैरामेडिक थे और अब इमाम बने हुए थे। उन्होंने पोस्टर सप्लाई किए और डॉक्टरों को कट्टर बनाया।
तहकीकात फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी तक पहुंची, जहां डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनाई और शाहीन सईद को पकड़ा गया। वहां से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट के अलावा 2900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री जब्त हुई, जिसमें केमिकल्स, डेटोनेटर, तार और बम बनाने के दूसरे पार्ट्स शामिल थे। ज्यादातर सामग्री नौगाम स्टेशन पर ही रखी गई थी, क्योंकि यहीं केस दर्ज है। कुछ हिस्सा फोरेंसिक लैब में स्टोर था।

















