क्या कनाडा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में दया मृत्यु दी जा रही है? मीडिया पोर्टल्स का डराने वाला दावा
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क्या कनाडा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में दया मृत्यु दी जा रही है? मीडिया पोर्टल्स का डराने वाला दावा

कनाडा में स्वास्थ्य सेवाओं की भयावह स्थिति: Fraser Institute रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 1.05 लाख से ज्यादा नागरिक विदेश इलाज कराने गए। वजह – 28.6 सप्ताह की वेटिंग और सरकार द्वारा इच्छामृत्यु (MAID) को बढ़ावा।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by कुलदीप सिंह
Jan 25, 2026, 10:46 am IST
inविश्व, विश्लेषण
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

जब भी कथित आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की बात आती है तो यह कहा जाता है कि पश्चिमी देश बहुत आगे हैं, बहुत उन्नत हैं, और सरकार की तरफ से ही सारी सुविधाएं हैं। परंतु कनाडा में जो स्वास्थ्य सेवाएं हैं, उनके विषय में लगातार ही चौंकाने वाले और डराने वाले आँकड़े आते रहते हैं। अब वहाँ से एक और डराने वाली रिपोर्ट आ रही है।

दया मृत्यु को प्राथमिकता दे रही कनाडा सरकार

कुछ मीडिया पोर्टल्स का दावा है कि कनाडा में नागरिक अब देश से बाहर इलाज कराने जा रहे हैं, क्योंकि वहाँ की सरकार नियंत्रित स्वास्थ्य व्यवस्था इलाज के स्थान पर दया मृत्यु को प्राथमिकता दे रही है। जी हाँ! सही पढ़ा आपने कि सरकार के नियंत्रण में जो स्वास्थ्य सेवाएं हैं, उनकी प्राथमिकता अपने देश के लोगों को ठीक करना नहीं रह गया है, बल्कि वह उन्हें मृत्यु दे रही है। slaynews के अनुसार कनाडा के नागरिक अब दूसरे देश जाकर इलाज करवा रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि या तो उन्हें जांच और इलाज के लिए काफी लंबा समय लगेगा या फिर उनके देश की जो स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था है, वह कहेगी कि महंगे इलाज की तुलना में वे आत्महत्या कर लें।

पश्चिमी मीडिया का मौन

अब प्रश्न उठता है कि क्या कोई सरकार ऐसा कर सकती है और इस पर भी पश्चिमी मीडिया एकदम मौन रह सकता है? इस रिपोर्ट के अनुसार एक लाख से अधिक कनाडा नागरिक पिछले वर्ष देश से बाहर इलाज कराने गए थे। और इतनी भारी संख्या में लोग इसलिए बाहर जा रहे हैं क्योंकि वैश्वीकरण की बात करने वाली लिबरल पार्टी सरकार कनाडा की खराब होती स्वास्थ्य व्यवस्था को सही करने के लिए “असिस्टेड सूइसाइड” अर्थात “आत्महत्या” में सहायता प्रदान कर रही है और इसे ही प्राथमिकता दे रही है।

यह रिपोर्ट Fraser Institute ने जारी की है कि काफी संख्या में कनाडा के नागरिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए देश से बाहर जा रहे हैं। 13 जनवरी को प्रकाशित इस रिपोर्ट में 2007-2017 के बीच के कई शोधों का हवाला दिया गया है। जिसमें लिखा है कि इतने वर्षों के क्रम को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2025 में भी लाखों लोगों ने कनाडा से बाहर इलाज कराना चुना। इसमें कई कारण सम्मिलित थे। सबसे मुख्य कारण तो यही था कि उन्हें कनाडा की सीमाओं के भीतर सही समय पर गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल नहीं मिल सकती थी। और कुछ ने इसलिए चुना क्योंकि उनके घर के आसपास संसाधन या फिर प्रक्रियाएं या फिर उपकरण ही उपलब्ध नहीं थे और कुछ ने इसलिए चुना क्योंकि वे गुणवता को लेकर चिंतित थे और वे बेहतर स्वास्थ्य चिकित्सा चाहते थे, अत्याधुनिक चिकित्सीय तकनीक चाहते थे या फिर वे बेहतर परिणाम चाहते थे।

चिकित्सकीय देखभाल में देरी

और कुछ लोगों ने इसलिए बाहर इलाज कराना चुना क्योंकि उन्हें चिकित्सीय देखभाल मिलने में देरी हो रही थी, और इस कारण उनकी स्थिति और खराब हो रही थी, उन्हें बेहतर परिणाम नहीं मिल रहे थे। slaynews के अनुसार जो हाल का आंकड़ा सामने आया है उसमें फैमिली डॉक्टर से गंभीर चिकित्सा उपचार मिलने में रेफरल का समय बढ़कर 28.6 सप्ताह हो गया है, जो पिछले तीस वर्षों में बहुत अधिक बढ़ा हुआ है।

आलोचकों का आरोप- सरकार दया मृत्यु दे रही है

आलोचकों का कहना है कि व्यवस्था में सुधार के स्थान पर सरकार दया मृत्यु का प्रावधान कर रही है। जैसे जैसे समय बढ़ता है तो रिपोर्ट के अनुसार कुछ कनाडाई नागरिक, जिनमें विशेषकर बीमार, अक्षम और वृद्ध हैं, उन्हें यह सलाह दी जाती है कि बिना इलाज के वर्षों तक जीने के स्थान पर बेहतर है कि मृत्यु का चुनाव कर लिया जाए। यह और भी हैरानी की बात है कि जो लोग इस इच्छामृत्यु को स्वीकार नहीं कर रहे हैं, उन्हें “सेल्फिश अर्थात स्वार्थी” कहा जा रहा है।

बिना इच्छा भी दी जा रही मृत्यु

आरोप तो ये भी हैं कि अगर व्यक्ति मना भी कर रहा है, उसे भी उसकी इच्छा के बिना इच्छा मृत्यु दी जा रही है, क्योंकि उसके परिजनों ने ऐसा कहा है। ऐसा ही एक मामला डेली मेल ने रिपोर्ट किया है, जिसमें एक कनाडाई महिला को उसकी इच्छा के बिना ही मृत्यु दे दी गई, क्योंकि उसका पति उसकी देखभाल करने के कारण परेशान हो चुका था और अब वह और ऐसा करना नहीं चाहता था।

वह बीमार थी और एक कोरॉनरी आर्टेरी बाईपास ग्रैफ्ट सर्जरी के बाद गंभीर जटिलताएं हो गई थीं। और उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब होने लगी और उन्होनें घर पर देखभाल का विकल्प चुना। और उन्होनें घर पर मेड के साथ चिकित्सा का विकल्प चुना। मगर उन्होनें बाद में अस्पताल में ही देखभाल का विकल्प चुना। और उनके पति उन्हें अगली सुबह अस्पताल लेकर आए, जहां उन की स्थिति स्थिर बताई।

मगर उनके पति ने कहा कि अब वह अपनी पत्नी की देखभाल नहीं कर सकते और अस्पताल में देखभाल का अनुरोध खारिज हो गया और अंतत: उसी शाम को उस महिला को इच्छा मृत्यु दे दी गई। ये आँकड़े और घटना बहुत बड़ा प्रश्न उठाते हैं कि आखिर कथित आधुनिक देश अपने नागरिकों को समझते क्या हैं?

Topics: कनाडा स्वास्थ्य व्यवस्था फेलकनाडा इच्छामृत्युकनाडा मेडिकल टूरिज्मदया मृत्यु कनाडाकनाडा में इलाज की कमीCanadian healthcare systemeuthanasia in Canadamedical tourism in Canadamercy killing in Canadashortage of medical treatment in Canada
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