भुवनेश्वर: 77वें गणतंत्र दिवस से पूर्व राष्ट्रीय संप्रभुता के सशक्त प्रदर्शन और तटीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में ओडिशा पुलिस ने एक अहम पहल करते हुए भद्रक जिले में धामरा बंदरगाह के समीप स्थित निर्जन ’उडाबाली ’ द्वीप पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह ऐतिहासिक क्षण तब साकार हुआ जब ओडिशा पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया ने मध्य समुद्र में तिरंगा फहराया, जो राज्य की सतर्कता, राष्ट्रीय गौरव और क्षेत्रीय अखंडता का प्रतीक बनकर लहराता नजर आया।
इस अवसर पर डीजीपी खुरानिया ने तटीय सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा की लंबी समुद्री सीमा की सुरक्षा राज्य और देश दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे सुदृढ़ करने के लिए पुलिस और राज्य सरकार मिलकर लगातार प्रयास कर रही हैं।
डीजीपी ने जानकारी दी कि तटीय सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए ओडिशा पुलिस ने एक व्यापक दीर्घकालिक योजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में ₹149 करोड़ की स्वीकृति दी है। इस राशि का उपयोग समुद्री गश्त के लिए आधुनिक मोटर चालित नौकाओं और ट्रॉलरों की खरीद, प्रत्येक समुद्री थाना क्षेत्र में ड्रोन की तैनाती, नौसेना विशेषज्ञों एवं तकनीकी सलाहकारों की नियुक्ति, तथा मछली अवतरण केंद्रों पर विशेष समुद्री पुलिस अधिकारियों की तैनाती के लिए किया जाएगा।
इसके साथ ही सभी समुद्री पुलिस थानों में कम्युनिटी पुलिसिंग को सशक्त किया जाएगा, ताकि स्थानीय समुदाय, विशेषकर मछुआरों, को सुरक्षा तंत्र से जोड़ा जा सके। मछली पकड़ने के प्रमुख केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और समुद्री पुलिस थानों में अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इन सभी व्यवस्थाओं को भुवनेश्वर स्थित एक केंद्रीकृत और आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जो तटीय क्षेत्रों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निर्जन तटीय द्वीपों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की इस पहल को डीजीपी खुरानिया ने ओडिशा पुलिस की देश की भूमि, समुद्र और संप्रभुता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि तटीय क्षेत्रों में किसी भी संभावित घुसपैठ को रोकने में भी सहायक होगा।
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इस अवसर पर डीजीपी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, सीमा शुल्क विभाग, राज्य पुलिस, मत्स्य विभाग, खुफिया एजेंसियों, वन विभाग, स्थानीय प्रशासन तथा मछुआरा समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल राज्य के अन्य निर्जन तटीय द्वीपों पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। आगामी दिनों में कनिका सैंड्स, लॉन्ग व्हीलर (बाबूबाली), कोकोनट व्हीलर, स्मॉल व्हीलर, नयाटापु, बुधियाबाली, केंद्रापड़ा जिले का हुकीटोला द्वीप, कदुआपाल, धानिछड़ा तथा पुरी जिले के पारिकुद, नलबण और कालिजाई द्वीपों पर भी तिरंगा फहराने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 में ओडिशा में आयोजित सर्वभारतीय पुलिस महानिदेशक सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तटीय राज्यों के निर्जन द्वीपों पर गणतंत्र दिवस या उससे पूर्व राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के अनुपालन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने डीजीपी को ऐसे द्वीपों की पहचान कर वहां तिरंगा फहराने के निर्देश दिए थे। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेलवे एवं तटीय सुरक्षा) अरुण बोथरा, डीआईजी (पूर्वी रेंज) पिनाक मिश्रा, भद्रक के पुलिस अधीक्षक मनोज राउत, एआईजी (मरीन) सत्यजीत मिश्र सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और तटीय सुरक्षा से जुड़े कर्मी उपस्थित रहे।

















