सिंदूर से संकल्प तक : बदलते भारत की सैन्य चेतना का गणतंत्र उत्सव, कर्त्तव्य पथ पर गरजेगा नया भारत
June 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

सिंदूर से संकल्प तक : बदलते भारत की सैन्य चेतना का गणतंत्र उत्सव, कर्त्तव्य पथ पर गरजेगा नया भारत

यह वह गणतंत्र दिवस है, जो ऑपरेशन सिंदूर की गौरवशाली सफलता की छाया में आयोजित हो रहा है। 2026 की यह परेड प्रतीकात्मकता के खोल को तोड़कर सशक्त यथार्थ के धरातल पर उतरेगी।

Written byयोगेश कुमार गोयलयोगेश कुमार गोयल — edited by Shivam Dixit
Jan 23, 2026, 11:18 pm IST
in विश्लेषण

26 जनवरी की सुबह जब कर्त्तव्य पथ पर कुहासा छंटेगा और राष्ट्रपति की सलामी के साथ तिरंगा फहराया जाएगा तो भारत केवल अपने संविधान की वर्षगांठ नहीं मना रहा होगा बल्कि वह अपनी नई वैश्विक पहचान का सार्वजनिक घोषणापत्र जारी करेगा। 77वां गणतंत्र दिवस भारतीय इतिहास के पन्नों में एक टर्निंग प्वाइंट के रूप में दर्ज होने जा रहा है। अब तक हमने परेड में रंगों, नृत्यों और झांकियों के माध्यम से अपनी विविधता का प्रदर्शन किया है लेकिन 2026 की यह परेड प्रतीकात्मकता के खोल को तोड़कर सशक्त यथार्थ के धरातल पर उतरेगी।

यह वह गणतंत्र दिवस है, जो ऑपरेशन सिंदूर की गौरवशाली सफलता की छाया में आयोजित हो रहा है। यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी बल्कि स्वतंत्र भारत की उस प्रो-एक्टिव रणनीतिक स्पष्टता का प्रमाण था, जहां हमने दिखाया कि हम अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस वर्ष कर्त्तव्य पथ केवल फूलों से सजा मार्ग नहीं बल्कि एक जीवंत सैन्य मंच बनेगा, जो पूरी दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत अपनी सुरक्षा को अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखता।

ऑपरेशन सिंदूर और वायु शक्ति का नया क्षितिज

इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह का सबसे रोमांचक और रणनीतिक पक्ष भारतीय वायु सेना का फ्लाईपास्ट है। इस बार आसमान में केवल विमानों का शोर नहीं होगा बल्कि ऑपरेशन सिंदूर की जीत की गर्जना होगी। फ्लाईपास्ट का मुख्य आकर्षण सिंदूर फॉर्मेशन है। यह फॉर्मेशन पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई उस सर्जिकल एयर स्ट्राइक को समर्पित है, जिसने दुश्मन के हौंसले पस्त कर दिए थे। इस फॉर्मेशन में वे विमान शामिल होंगे, जिन्होंने उस ऑपरेशन में मुख्य भूमिका निभाई थी। अपनी मारक क्षमता और ‘ओमनी-रोल’ विशेषता के साथ राफेल इस फॉर्मेशन का नेतृत्व करेगा। एसयू-30एमकेआई भारत का प्रमुख एयर-सुपिरियोरिटी फाइटर, जो अपनी चपलता के लिए जाना जाता है। इस फॉर्मेशन में मिग-29 और जगुआर हवाई सुरक्षा और ‘डीप पेनेट्रेशन स्ट्राइक’ की क्षमताओं को प्रदर्शित करेंगे। फ्लाईपास्ट को दो अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 29 विमान अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। वज्रांग और वरुण फॉर्मेशन वायुसेना की आक्रामक प्रहार क्षमता और हिंद महासागर क्षेत्र में हमारी बढ़ती समुद्री निगरानी क्षमता को रेखांकित करेंगे। पी-8आई विमान की उपस्थिति भारत की नीली जलशक्ति की मजबूती का प्रमाण होगी। अर्जन और गरुड़ फॉर्मेशन त्वरित परिवहन और विशेष कमांडो ऑपरेशंस के समन्वय को दिखाएंगे। सी-130जे सुपर हरक्यूलिस और सी-295 जैसे परिवहन विमान भारत की रसद शक्ति और त्वरित तैनाती की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

थल सेना का फेज्ड बैटल एरे : परेड नहीं, युद्ध का पूर्वाभ्यास

2026 की परेड का सबसे बड़ा परिवर्तन जमीन पर दिखाई देगा। भारतीय थल सेना ने अपनी पारंपरिक मार्चिंग शैली को बदलकर ‘फेज्ड बैटल एरे’ के प्रारूप को अपनाया है। ‘फेज्ड बैटल एरे’ का अर्थ है कि सेना की टुकड़ियां कर्त्तव्य पथ पर उसी क्रम में आगे बढ़ेंगी, जिस क्रम में वे वास्तविक युद्ध के मैदान में दुश्मन का सामना करती हैं। सबसे आगे वे इकाईयां (टोही इकाईयां) होंगी, जो शत्रु की स्थिति का पता लगाती हैं। इसके बाद सेना की रसद और संचार इकाईयां (लॉजिस्टिक सपोर्ट) होंगी, जो किसी भी युद्ध की रीढ़ होती हैं। सबसे अंत में मुख्य लड़ाकू इकाईयां (अग्रिम लड़ाकू टुकड़ियां) अपने आधुनिक हथियारों और टैंकों के साथ बढ़ेंगी। इस बार सैनिक पारंपरिक औपचारिक वर्दी के स्थान पर अपनी कॉम्बैट ड्रेस (युद्धक पोशाक) में मार्च करेंगे। उनके पास आधुनिक सिग सॉयर राइफलें, उन्नत संचार उपकरण और नाइट विजन गैजेट्स होंगे। यह दृश्य दर्शकों को यह अनुभव कराएगा कि वे किसी सैन्य परेड को नहीं बल्कि एक वास्तविक बैटल ड्रिल को देख रहे हैं।

भैरव लाइट कमांडो बटालियन : भविष्य के योद्धाओं का उदय

अक्टूबर 2025 में भारतीय सेना में ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’ के गठन के साथ एक क्रांतिकारी बदलाव आया था। 2026 की परेड में इस बटालियन का पदार्पण भारत की बदलती सैन्य सोच का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह बटालियन पारंपरिक पैदल सेना और विशिष्ट विशेष बलों के बीच की खाई को भरने के लिए बनाई गई है। ये कमांडो ‘हल्के, तीव्र और घातक’ होने के सिद्धांत पर प्रशिक्षित हैं। शहरी युद्ध और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इनका कोई सानी नहीं है। इनका परेड में शामिल होना यह दर्शाता है कि भारत अब भविष्य के ‘नॉन-लीनियर’ युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार है।

लैंगिक समानता और नारी शक्ति का प्रदर्शन

77वां गणतंत्र दिवस नारी शक्ति को केवल प्रतीकात्मक नारों तक सीमित नहीं रखता बल्कि उसे भारत की सैन्य मुख्यधारा में सशक्त भूमिका प्रदान करता है। वायु सेना के बैंड में 9 महिला अग्निवीरों की भागीदारी एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण होगी। यह केवल सैन्य आधुनिकीकरण का संकेत नहीं है बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन का प्रमाण है, जहां राष्ट्र की रक्षा में लिंग नहीं, योग्यता, अनुशासन और समर्पण ही मापदंड हैं। ये महिला अग्निवीर उस बदलती सोच का प्रतिनिधित्व करेंगी, जिसमें महिलाएं अब सहायक भूमिका में नहीं, समान भागीदार के रूप में खड़ी हैं। उनका आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देगा कि भारत का भविष्य सशक्त, समावेशी और समान अवसरों पर आधारित है।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की गूंज

जहां एक ओर कर्त्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति अपने संकल्प और सामर्थ्य का प्रदर्शन करेगी, वहीं दूसरी ओर राष्ट्र अपनी सांस्कृतिक और वैचारिक आत्मा को भी नमन करेगा। ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कर्त्तव्य पथ को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक भावभूमि में रूपांतरित किया जा रहा है। परेड ग्राउंड के एन्क्लोजर्स पर वंदे मातरम् के शुरुआती पदों से प्रेरित भावों को चित्रों और पुष्प सज्जा के माध्यम से साकार किया गया है। यह दृश्य राष्ट्र को स्मरण कराएगा कि भारत की स्वतंत्रता केवल शस्त्रों से नहीं बल्कि उस राष्ट्रीय चेतना से उपजी थी, जिसे वंदे मातरम् ने जन-जन में जाग्रत किया। यह शक्ति और शांति, पराक्रम और विचार का अनुपम संगम होगा।

वैश्विक कूटनीति का केंद्र भारत और यूरोपीय संघ

इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड की कूटनीतिक महत्ता सामान्य औपचारिकता से कहीं आगे है। मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की उपस्थिति भारत के बढ़ते वैश्विक कद और रणनीतिक विश्वसनीयता का स्पष्ट संकेत है। यह दर्शाता है कि भारत और यूरोपीय संघ के संबंध अब केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं रहे बल्कि वैश्विक सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और सामरिक स्थिरता के साझे हितों पर आधारित हो चुके हैं। एक अस्थिर और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत एक ऐसी संतुलनकारी शक्ति के रूप में उभरा है, जिसे पश्चिम और पूर्व, दोनों समान दृष्टि से सम्मान और भरोसे के साथ देखते हैं।

वीवीआईपी से नदी तक : औपनिवेशिक दासता का अंत

भारत ने अपनी पहचान को औपनिवेशिक अवशेषों से मुक्त करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। इस वर्ष से परेड में ‘वीवीआईपी’ जैसे शब्दों का प्रयोग आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है। दर्शकों के बैठने वाले एन्क्लोजर के नाम अब भारतीय नदियों (जैसे गंगा, यमुना, नर्मदा, सिंधु) के नाम पर रखे गए हैं। समारोह के दौरान भी बैठने के स्थानों का नाम भारतीय वाद्य यंत्रों (जैसे वीणा, मृदंगम, सितार) पर आधारित होगा। यह बदलाव सत्ता के अहंकार को समाप्त कर सांस्कृतिक आत्मीयता और समानता को बढ़ावा देता है।

मेक इन इंडिया की धमक : आत्मनिर्भरता का उत्सव

2026 की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल 30 झांकियां और 18 मार्चिंग कंटिंजेंट आत्मनिर्भर भारत की सशक्त होती यात्रा का जीवंत दस्तावेज हैं। कर्त्तव्य पथ पर प्रदर्शित होने वाले अधिकांश हथियार और सैन्य प्लेटफॉर्म, चाहे आकाश मिसाइल प्रणाली हो, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट सिस्टम हो या स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान, भारत की अपनी तकनीकी क्षमता और औद्योगिक आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। यह परेड स्पष्ट करेगी कि भारत अब रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर राष्ट्र नहीं रहा। साथ ही यह बढ़ते रक्षा निर्यात की दिशा में भारत के मजबूत होते कदमों का भी सार्वजनिक और आत्मविश्वासपूर्ण प्रदर्शन है, जो वैश्विक रक्षा मानचित्र पर उसकी नई पहचान गढ़ रहा है।

शक्ति ही शांति की रक्षक

77वें गणतंत्र दिवस की परेड का सूक्ष्म विश्लेषण करें तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि भारत अब दिखावे से ऊपर उठकर दक्षता की ओर बढ़ गया है। ऑपरेशन सिंदूर से मिली प्रेरणा और फेज्ड बैटल एरे के माध्यम से प्रदर्शित युद्ध तत्परता यह बताती है कि भारत की सैन्य मानसिकता में मौलिक बदलाव आ चुका है। यह परेड दुनिया को यह बताने के लिए पर्याप्त है कि भारत अपनी संप्रभुता पर होने वाले किसी भी प्रहार का आक्रामक और निर्णायक उत्तर देने में सक्षम है। हमारी सेना केवल मार्चिंग दस्ते नहीं बल्कि एक उच्च प्रशिक्षित रणनीतिक मशीन है। हमारी संस्कृति और सैन्य शक्ति एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। 2026 का गणतंत्र दिवस केवल अतीत की स्मृति नहीं बल्कि भविष्य का संकल्प है। यह उस भारत का उदय है, जो अपनी रक्षा के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं है, जो अपनी जड़ों से जुड़ा है और जिसकी आंखें भविष्य के आधुनिक संघर्षों के लिए पूरी तरह खुली हैं। सिंदूर केवल माथे का तिलक नहीं, अब भारत की वायु शक्ति का प्रतीक है और कर्त्तव्य पथ अब केवल एक रास्ता नहीं, उस संकल्प की यात्रा है, जो भारत को ‘विश्व शक्ति’ बनाने की ओर अग्रसर है।

Topics: 77th Republic DayKartavya Path Parade77th Republic Day IndiaKartavya Path parade 2026Indian Air Force flypastNew IndiaIndia military powerIndian Air Forcemilitary power indiaindian armed forcesOperation SindoorOperation Sindoor success
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

मोदी के 12 साल, POJK का विद्रोह और ब्रिटेन का ग्रूमिंग गैंग सच

DRDO IAF successful test Rudram II missile Sukhoi

दुश्मन के रडार पल भर में होंगे तबाह! : हवा से सतह पर मार करने वाली ‘रुद्रम-II’ मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण

पहलगाम में आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों की हत्या की थी

पहलगाम आतंकी हमले में बड़ा खुलासा, आतंकियों के फोन से मिला कराची-लाहौर का कनेक्शन, चाइनीज मोबाइल फोन से रची पूरी साजिश

सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी

सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी बोले-भारत के ‘स्मार्ट पावर’ का सबसे बड़ा उदाहरण ‘ऑपरेशन सिंदूर’

Operation sindoor

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की रणनीतिक स्मार्टनेस और पाकिस्तान की निर्णायक हार

India first indigenous glide weapon TARA test

भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड वेपन क्रांति: अब हवा में तैरते हुए बरसेगी तबाही ‘TARA’ दिखाएगा दुश्मन को दिन में तारे

Load More

ताज़ा समाचार

महबूबा मुफ्ती

खीर भवानी मंदिर में महबूबा मुफ्ती: क्या उन कुछ लोगों के नाम बताएंगी,  जिन्होंने हिंदुओं के खिलाफ मस्जिदों से नारे लगवाए

gyan bharatam mission tikamgarh ancient manuscripts jambudweep map found

टीकमगढ़ : सामने आईं 825 प्राचीन पांडुलिपियां, ब्रह्मांड विज्ञान और ‘जम्बूद्वीप’ के नक्शे ने विशेषज्ञों को चौंकाया

delhi sikh delegation meets cm pushkar-singh dhami chamoli police action investigation

देहरादून: दिल्ली सिख प्रतिनिधिमंडल ने की CM धामी से मुलाकात, चमोली घटना पर की चर्चा, DIG को सौंपी जांच

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

‘राष्ट्र अपने वास्तविक नायकों को कभी नहीं भूलता’

Pakistan Mardan Sikh Couple Murder Gurdwara Security Police Constable Arrested JIT Investigation

पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सिख दम्पत्ति की हत्या: सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल शेरशाह मुख्य आरोपी

cm pushkar singh dhami directions chardham hemkund sahib yatra safety fake news

“श्रद्धालुओं का रखें विशेष ध्यान, भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई”- CM पुष्कर सिंह धामी

Punjab BJP Leader Petrol Bomb Attack Bathinda Gangster Shahzad Bhatti Police Investigation

पंजाब में बड़ा दुस्साहस: बठिंडा में BJP नेता के क्लीनिक पर बम से हमला, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने ली जिम्मेदारी

विदिशा में 350 वर्ष पुराना ग्वालियर देवस्थान प्रबंधन से जुड़ा दुर्लभ दस्तावेज मिला

haridwar anti encroachment drive 45 illegal shanties removed railway land

हरिद्वार में बड़ा एक्शन: रेलवे भूमि से हटाई गईं 45 अवैध झुग्गियां, आगामी कुंभ और कांवड़ मेले की तैयारियां हुईं तेज

उत्तराखंड : शांतिकुंज में गायत्री जयंती महापर्व से पूर्व निकाली गयी दीप रैली

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies