आज देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई दी और ‘विकसित भारत’ के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह भव्य राष्ट्रीय पर्व भारत के गौरव और शान का प्रतीक है। पीएम मोदी ने लोगों से नए जोश और ऊर्जा के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने की अपील की। उनका संदेश था कि हर नागरिक इस संकल्प को नई ताकत दे, ताकि देश मजबूत और आत्मनिर्भर बने। उन्होंने राष्ट्र के नाम संदेश में गणतंत्र दिवस को देश की एकता, विविधता और प्रगति का उत्सव बताया।
मुख्य अतिथि और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
इस बार गणतंत्र दिवस पर पहली बार दो यूरोपीय संघ के नेता मुख्य अतिथि हैं – यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। यह भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत संबंधों को दिखाता है। कई अन्य विदेशी मेहमान और प्रतिनिधि भी मौजूद हैं, जैसे अमेरिका से मार्को रुबियो।
परेड और सैन्य प्रदर्शन
कार्तव्य पथ पर सुबह 10:30 बजे परेड शुरू होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। इस बार सेना ने पहली बार कॉम्बैट-रेडी फॉर्मेशन में मार्च किया, जो काफी खास रहा। S-400 मिसाइल सिस्टम और ऑपरेशन सिंदूर जैसे हथियारों का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा। वायुसेना के फ्लाईपास्ट में कई विमान शामिल हुए। पूरे परेड में भारत की सैन्य ताकत और युद्ध तैयारियों को दिखाया गया।

















