देहरादून: पछुवा दून की नदियों के किनारे सरकारी भूमि पर हजारों की संख्या में बाहरी राज्यों से आए घुसपैठियों ने कब्जे किए हुए हैं। ये हम नहीं कह रहे बल्कि प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट कह रही है। उल्लेखनीय है कि पछुवा दून के कई गांव हिन्दू बाहुल्य से मुस्लिम बाहुल्य में परिवर्तित हो गए हैं। अब घुसपैठियों ने नदियों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की नियत से कच्चे पक्के मकान बनाने शुरू कर दिए है, ये संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है। यहां कब्जे करने वाले ज्यादातर लोग पश्चिम उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे है ये भी अंदेशा है कि इनके बीच में रोहिंग्या बांग्लादेशी भी है।
सेलाकुई रामपुर खुर्द में अवैध अतिक्रमण को लेकर डीएम सविन बंसल के निर्देश पर एसडीएम विनोद कुमार ने दल बल के साथ हालात का जायजा लिया और घर-घर जाकर भूमि स्वामित्व के विषय में जानकारी एकत्र करवाई है। प्रशासनिक टीम ने ड्रोन से भी सर्वे करवाया है।
बताया जाता है यहां राजनीतिक संरक्षण में सैकड़ों आशियाने बन गए हैं और अब उन्हें वोटर लिस्ट में भी दर्ज करवाया जा रहा है।
डेमोग्राफी चेंज के ये षड्यंत्र कथित रूप से इस्लामिक संस्थाओं की देख रेख में चल रहे है। सरकारी भूमि पर कब्जे करके मस्जिद मदरसे भी बने हुए पाए गए है जिनकी आड़ लेकर भी अवैध कब्जे किए गए हैं। मानसिक अस्पताल के साथ लगी नदी के किनारे भी बड़ी संख्या में अवैध कब्जे हो चुके हैं और ये कब्जे रोज अपनी संख्या बढ़ाते हैं।
दून घाटी में 14 बरसाती नदियों के किनारे सरकारी भूमि पर अवैध बस्तियां बसाई जा रही है। पॉप एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि अभी सर्वे का काम चल रहा है साथ ही साथ सत्यापन के काम भी चल रहे हैं। शीघ्र ही इनपर कार्रवाई की जाएगी।
















