गत 10 जनवरी को नागपुर में ‘विलास फडणवीस स्मृति जिव्हाला पुरस्कार’ वितरण समारोह आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम सेवाव्रतियों के सम्मान और संघ प्रचारकों के आत्मीय संवाद के संगम का साक्षी बना। इस अवसर पर समाज के पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों (पंच परिवर्तन) में निस्वार्थ सेवा करने वाले व्यक्तित्वों को 51,000 रु., प्रभु श्रीराम की प्रतिमा, मानपत्र तथा विलास जी पर आधारित पुस्तक देकर सम्मानित किया गया।
सामाजिक समरसता क्षेत्र में भंते अभय नायक थेरा को ‘संचेती फाउंडेशन पुरस्कार’, स्वदेशी क्षेत्र में सुरेश पितले को ‘श्री मोरेश्वर माधव देशपांडे पुरस्कार’, कुटुंब प्रबोधन क्षेत्र में अधिवक्ता सीमा घाटे को ‘स्व. प्रभाकरराव मुंडले स्मृति पुरस्कार’, पर्यावरण संवर्धन क्षेत्र में सचिन नायडू को ‘श्रीधर राव विचोरे पुरस्कार’, नागरिक कर्तव्य क्षेत्र में रविंद्र परांजपे को ‘स्व. सरस्वती देवी बिहारीलाल खंडेलवाल स्मृति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विदर्भ प्रांत के सहसंघचालक श्रीधर राव गाडगे ने कहा, ”विलास जी केवल एक व्यक्ति नहीं थे, वे ऊर्जा के स्रोत थे। उनके अथाह जिव्हाले (स्नेह) के कारण ही अनेक युवा राष्ट्र कार्य के लिए प्रेरित हुए।”
कार्यक्रम में श्री रविंद्र देशपांडे द्वारा पांच वरिष्ठ प्रचारकों के साथ किए गए संवाद से अनेक हृदयस्पर्शी पहलू सामने आए। इस संवाद में पद्मश्री डॉ. धनंजय सगदेव, रा.स्व.संघ के अखिल भारतीय सह-संपर्क प्रमुख श्री सुनील देशपांडे, सह-प्रचारक प्रमुख श्री सुनील कुलकर्णी, विवेकानंद केंद्र के कोषाध्यक्ष श्री प्रवीण दाभोलकर और वरिष्ठ प्रचारक श्री रविंद्र भुसारी सम्मिलित थे।
















