वामपंथी राज्य केरल स्थित प्रसिद्ध सबरीमीला मंदिर से सोने की चोरी की घटना की जांच अभी चल ही रही है कि अब मंदिर में घी घोटाला सामने आया है। मामले में हाई कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में ‘आदिया शिष्टम घी’ की बिक्री से होने वाली कमाई में गड़बड़ी की जांच के लिए विजिलेंस विभाग को जांच सौंपी है। यह मामला करीब 35 लाख रुपये के कथित गबन से जुड़ा है।
क्या है मामला?
सबरीमाला में नैयाभिषेकम (घी चढ़ावा) के बाद बचा हुआ घी, जिसे ‘आदिया शिष्टम घी’ कहते हैं, उसे भक्तों को पैकेट में बेचा जाता है। हर 100 मिलीलीटर का पैकेट 100 रुपये में बिकता है। यह घी मंदिर की आमदनी का एक बड़ा हिस्सा है। ठेकेदार घी को 700 लीटर की स्टील टंकी में रखता है और मोटर से पैकेट भरता है। फिर ये पैकेट मंदिर के काउंटर पर, खासकर मरामत बिल्डिंग काउंटर पर बेचे जाते हैं।
कैसे हुआ खुलासा
13 दिसंबर 2025 को ट्रावनकोर देवास्वम बोर्ड (TDB) के चीफ विजिलेंस एंड सिक्योरिटी ऑफिसर ने जांच की। पता चला कि 16,628 पैकेट घी बेचे गए, लेकिन इनकी कमाई TDB के खाते में नहीं आई। 17 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक ठेकेदार ने 3,52,050 पैकेट (100 मिलीलीटर वाले) तैयार किए और टेम्पल स्पेशल ऑफिसर को दिए। इनमें से करीब 89,300 पैकेट मरामत बिल्डिंग काउंटर पर बेचे गए, लेकिन सिर्फ 75,450 पैकेट की रकम जमा हुई। बाकी 13,679 पैकेट की कमाई यानी 13.68 लाख रुपये गायब थे। इसके अलावा, 24 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक देवास्वम कर्मचारी सुनील कुमार पोट्टी ने भक्तों को रसीद नहीं दी। 68,200 रुपये की कमाई जमा नहीं की गई। बाद में कोर्ट के आदेश पर 17 दिन की देरी से यह रकम जमा हुई। कुल मिलाकर नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के शुरुआती दिनों तक करीब 35 लाख रुपये की गड़बड़ी का शक है।
कोर्ट ने क्या दिया आदेश?
केरल हाई कोर्ट की जस्टिस वी राजा विजयराघवन और के वी जयकुमार की बेंच ने सबरीमाला स्पेशल कमिश्नर की रिपोर्ट पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि अगर सिर्फ दो महीने से कम समय में और सिर्फ घी की बिक्री में 35 लाख का गबन हो सकता है, तो लंबे समय में और दूसरी आमदनी में कितनी बड़ी गड़बड़ी हो सकती है, यह सोचकर भी डर लगता है। कोर्ट ने विजिलेंस डायरेक्टर को आदेश दिया कि वे योग्य अफसरों की टीम बनाएं, TDB के चीफ विजिलेंस ऑफिसर की 10 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के आधार पर क्राइम दर्ज करें और पूरी जांच करें।
जांच में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई हो। टीम को एक महीने में प्रोग्रेस रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी। फाइनल रिपोर्ट फाइल करने से पहले कोर्ट की इजाजत लेनी होगी। जांच के दौरान कोई डिटेल मीडिया या पब्लिक को नहीं लीक की जाए। TDB ने बताया कि सुनील कुमार पोट्टी को सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी है। यह मामला सबरीमाला में सोने की चोरी के स्कैंडल के तुरंत बाद सामने आया है, जिससे मंदिर प्रशासन पर सवाल और बढ़ गए हैं।











