गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में निहित संभावनाओं की सिर्फ बात नहीं करते, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति से संभावनाओं के अनुरूप परिणाम भी देते हैं। सरकार की इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश माफियामुक्त, दंगामुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गोरखपुर महोत्सव में सीएम का संबोधन
सीएम योगी मंगलवार अपराह्न गोरखपुर महोत्सव के औपचारिक समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। रामगढ़ताल के सामने चंपा देवी पार्क में महोत्सव के मुख्य मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
सरकार के प्रयास और नौजवानों, किसानों, उद्यमियों को लाभ
सरकार के प्रयास से नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उद्यमियों, व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। बहन-बेटियों को मुस्कुराते हुए स्कूल-बाजार जाने का माहौल मिल रहा है।
सुरक्षा के प्रति दृढ़ संदेश
आज किसी ने बहन-बेटियों की राह में बाधा डालने का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने को तैयार मिलेंगे। यह तभी संभव हो रहा है जब सरकार में जनसेवा करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है।
धैर्य और अनुशासन जीवन की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ी ताकत धैर्य और अनुशासन है। हमने कभी धैर्य नहीं खोया। उपेक्षा हुई तो संघर्ष का रास्ता अपनाया। इंसेफेलाइटिस की समस्या पर तत्कालीन सरकारों द्वारा की जा रही उपेक्षा का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तब हमने सड़कों पर आंदोलन किया और जब सरकार में आए तो पूरी जिम्मेदारी की भावना के साथ दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस का खात्मा कर दिखाया।
गोरखपुर और उत्तर प्रदेश का कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर और उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलंदियों पर है। 2017 के पहले भी जब देश आगे बढ़ रहा था तो गोरखपुर पीछे छूट गया था। तुलना की जाए तो 2017 के पहले और इसके बाद के उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में जमीन-आसमान का अंतर दिखेगा।
पूर्व की स्थिति – माफियाराज और गुंडाराज
2017 तक प्रदेशभर की तरह गोरखपुर भी उपद्रव, गुंडागर्दी की चपेट में था। गुंडा टैक्स वसूला जाता था। सड़कें जर्जर थीं, बिजली नहीं मिलती थी। गंदगी, बीमारी और इंसेफेलाइटिस का कहर था।
मच्छर और माफिया का सामाजिक असर
सीएम योगी ने कहा कि मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक होते हैं। एक शरीर को अस्वस्थ करता है तो दूसरा समाज को। जब समाज हर प्रकार की स्वच्छता शारीरिक और सामाजिक, के प्रति जागरूक नहीं होता है तो उसे दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
गोरखपुर की वर्तमान और पूर्व स्थिति का विश्लेषण
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर की वर्तमान और पूर्व स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी गोरखपुर माफियाराज और गुंडाराज के लिए कुख्यात था। प्रदेश की भी यही स्थिति थी। हर दूसरे-तीसरे दिन प्रदेश में दंगा होता था। व्यापारी, बहन, बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। व्यापारी गुंडा टैक्स देने को मजबूर थे।
डबल इंजन सरकार के अभियान का असर
फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प के लिए जो अभियान शुरू किया, उसके परिणाम आज जमीनी धरातल पर नजर आ रहे हैं।
गोरखपुर और अन्य शहरों में विकास का अंतर
आठ साल पहले यहां आया व्यक्ति यदि आज गोरखपुर आएगा तो यहां विकास से आए बदलाव के चलते शहर को पहचान नहीं पाएगा। ऐसी ही स्थिति अयोध्या, काशी, प्रयागराज को लेकर होगी। आठ साल बाद लखनऊ आए एक व्यक्ति द्वारा बताए गए संस्मरण को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्ति लखनऊ को पहचान ही नहीं पाए।
बदलाव ही समृद्धि और खुशहाली का आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलाव ही समृद्धि और खुशहाली का आधार है। इसी मंत्र को अपनाते हुए आज जब भारत आगे बढ़ रहा है तो उत्तर प्रदेश और गोरखपुर भी पीछे नहीं है। आज बिना मांगे विकास की योजनाएं लोगों तक पहुंचती हैं।
खाद कारखाना, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियां
उन्होंने कहा कि पहले कोई सोचता था कि क्या गोरखपुर का खाद कारखाना चल पाएगा, क्या गोरखपुर में एम्स बन पाएगा या क्या बीआरडी मेडिकल कॉलेज फिर से चिकित्सा का बेहतरीन केंद्र बन सकेगा। पर, आज ये सारी बातें हकीकत हैं। कभी अपराध के लिए बदनाम रामगढ़ताल आज बेहतरीन पर्यटन केंद्र बन चुका है।
बच्चों को स्मार्टफोन देना अपराध सरीखा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने लोगों को स्मार्टफोन के अत्यधिक और अनावश्यक प्रयोग से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, आज अनेक घरों में छोटे-छोटे बच्चों को भी स्मार्टफोन खेलने के लिए दे दिया जाता है। यह अपराध जैसा है। इससे बच्चे जिद्दी और डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता
उन्होंने साइबर फ्रॉड से आगाह करते हुए कहा कि किसी भी अनजाने पर विश्वास न करें। किसी शॉर्टकट के चक्कर में डिजिटल अरेस्ट के धोखे में मत आएं। स्मार्टफोन का जरूरत से अधिक और अनावश्यक इस्तेमाल न करें। जरूरत न होने पर स्मार्टफोन को बंद करके रखें।
















