January Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बेहद महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 13 जनवरी यानी आज दोपहर 3 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 14 जनवरी को शाम 5 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। व्रत का पारण 15 जनवरी को होगा।
पारण का समय सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान शुभ माना गया है। आइए जानते हैं कि क्यों एकादशी के दिन चावल नहीं खाने की सलाह दी जाती है?
इसलिए एकादशी के दिन नहीं खाया जाता चावल?
वाराणसी के शास्त्री दीपक जोशी कहते हैं कि विष्णु पुराण में बताया गया है कि एकादशी पर चावल खाने से घर में दरिद्रता आती है। साथ ही व्यक्ति के पुण्य समाप्त होते हैं। चावल को हविष्य अन्न यानी देवताओं का भोजन कहा गया है। इसी वजह से देवी-देवताओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए एकादशी पर चावल खाना वर्जित है। वह कहते हैं कि पौराणिक कथाओं में चावल और जौ की उत्पत्ति की कथा भी इससे जुड़ी हुई है।
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पौराणिक कथा कहती है कि महर्षि मेधा ने मां क्रोध से बचने के लिए अपनी योग शक्तियों के माध्यम से शरीर का त्याग कर दिया और उनका अंश पृथ्वी में समा गया। यह घटना एकादशी के दिन हुई थी इसलिए एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। इसके बाद उन्होंने जौ और चावल के रूप में जन्म लिया। इसलिए एकादशी के दिन चावल का सेवन पाप माना गया है।














