अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव इन दिनों काफी बढ़ गया है। खासकर वेनेजुएला में हाल की घटनाओं के बाद ये रिश्ते और खराब हो गए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी।ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक यूजर की पोस्ट को शेयर किया। उस पोस्ट में लिखा था – “मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति होंगे”। ट्रंप ने इसे शेयर करते हुए सिर्फ इतना लिखा – “यह सुनने में अच्छा लग रहा है”।
ये बात इसलिए मजेदार और चर्चा में है क्योंकि मार्को रुबियो फिलहाल अमेरिका के विदेश मंत्री हैं। वो क्यूबाई मूल के हैं – उनके माता-पिता क्यूबा से आए थे और मियामी में बस गए थे। रुबियो बचपन से ही क्यूबा के कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ रहे हैं। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वो सिर्फ विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि एक्टिंग नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और एक्टिंग आर्काइविस्ट जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि रुबियो के पास इतनी पोस्टें हैं कि अब क्यूबा का प्रेसिडेंट भी बन जाएं।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने क्यूबा को चेतावनी दी और लिखा कि क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला से तेल और पैसा लेता रहा है। बदले में वो वेनेजुएला की सरकार को सुरक्षा देता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ट्रंप ने साफ कहा – “क्यूबा को अब न तेल मिलेगा, न पैसा। मैं उन्हें सलाह देता हूं कि बहुत देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर लें।”
ये सब तब हो रहा है जब पिछले हफ्ते अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में बड़ी कार्रवाई की। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया। इस ऑपरेशन में कई वेनेजुएलन और क्यूबाई सुरक्षा कर्मी मारे गए। क्यूबा सरकार का दावा है कि उसके 32 सैनिक इस हमले में मारे गए, जो वेनेजुएला में तैनात थे।
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वेनेजुएला से सस्ता तेल लेता था क्यूबा
क्यूबा पहले वेनेजुएला से सस्ता तेल लेता था, जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी था। अमेरिका ने अब वेनेजुएला के तेल टैंकर जब्त करना शुरू कर दिया है और उत्पादन-वितरण पर कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है। इससे क्यूबा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि अब वेनेजुएला को उन “गुंडों और जबरन वसूली करने वालों” से सुरक्षा की जरूरत नहीं, जो सालों से उन्हें बंधक बनाए हुए थे। अब उनके पास अमेरिका है- दुनिया की सबसे ताकतवर सेना। हम उनकी रक्षा करेंगे।
क्यूबा ने जताई कड़ी नाराजगी
क्यूबा ने इस पूरे मामले पर सख्त ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि अमेरिका एक अनियंत्रित ताकत की तरह व्यवहार कर रहा है। अभी तक ये साफ नहीं है कि ट्रंप का “समझौता” से क्या मतलब है, क्योंकि क्यूबा के पास अमेरिका को देने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है।













