गुजरात का सोमनाथ मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र शिव मंदिरों में से एक है। यह मंदिर सौराष्ट्र क्षेत्र के सौराष्ट्र तट पर स्थित है और हिन्दुओं के 12 ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है। अगर आप गुजरात घूमने का प्लान कर रहे हैं तो सोमनाथ मंदिर आपके यात्रा लिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए।
सोमनाथ मंदिर के दर्शन- सोमनाथ मंदिर की खूबसूरती और भव्यता देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। यह मंदिर समुद्र के किनारे स्थित है और यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही शानदार दिखाई देता है। मंदिर का निर्माण स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना है। मंदिर में भगवान शिव का विशाल ज्योतिर्लिंग स्थापित है, जिसे देखकर श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ मांगी जाती हैं।
मंदिर परिसर में घूमते समय आपको शांत वातावरण और आध्यात्मिक माहौल महसूस होगा। यहां प्रातः और सायंकाल के समय आरती में शामिल होना एक अद्भुत अनुभव है।
सोमनाथ मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
गिर राष्ट्रीय उद्यान- यह भारत का प्रसिद्ध वन्य जीव अभयारण्य है, जहां आप शेरों और अन्य जंगली जानवरों को देख सकते हैं।
द्वारकाधीश मंदिर- अगर समय हो तो द्वारका का भी दर्शन करना अच्छा रहेगा, यह भगवान कृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर है।
सारंगढ़ किला- यह एक ऐतिहासिक किला है जो समुद्र के किनारे स्थित है और इतिहास प्रेमियों के लिए बहुत दिलचस्प है।
समुद्र तट- सोमनाथ के पास सुंदर बीच हैं, जहां आप समुद्र की लहरों का आनंद ले सकते हैं और फोटो खींच सकते हैं।
सोमनाथ कैसे पहुंचे?
सोमनाथ पहुंचना बहुत आसान है। आप सड़क, रेल और हवाई मार्ग से यहां पहुँच सकते हैं।
सड़क मार्ग- सोमनाथ सूरत, राजकोट और अहमदाबाद से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप बस या कार से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग- सोमनाथ रेलवे स्टेशन भारत के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। यहां से मंदिर तक टैक्सी या ऑटो आसानी से मिल जाता है।
हवाई मार्ग- नजदीकी हवाई अड्डा दहेज और राजकोट में है। वहां से टैक्सी या बस लेकर सोमनाथ पहुंचा जा सकता है।
सोमनाथ की फेमस चीजें जो खाएं
फाफड़ा-जलेबी
गुजरात का यह स्ट्रीट फूड बहुत ही मशहूर है। इसमें कुरकुरे फाफड़े के साथ मीठी और गरम जलेबी का कॉम्बिनेशन होता है। यह स्वाद में अनोखा होता है और इसे त्योहारों और खास मौकों पर भी खाया जाता है।
ढोकला
ढोकला गुजरात का सबसे प्रसिद्ध नाश्ता है। यह बेसन और दही से बनता है और भाप में पका होता है। ढोकला हल्का, स्वादिष्ट और प्रोटीन से भरपूर होता है। इसे आमतौर पर हरी चटनी या मीठी चटनी के साथ परोसा जाता है। ढोकला खाने में इतना आसान और हल्का होता है कि इसे कभी भी खाया जा सकता है।
खांडवी
खांडवी भी बेसन और दही से तैयार होने वाली एक स्वादिष्ट डिश है। इसका टेक्सचर बहुत ही मुलायम और रेशमी होता है। खांडवी बनाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन जब यह बन जाता है, तो इसका स्वाद अद्भुत होता है। इसे सरसों के बीज, नारियल और हरी धनिया से सजाया जाता है, जो इसे और भी खास बना देता है।
थेपला
थेपला एक तरह का मसालेदार फ्लैटब्रेड है। यह गेहूं, बेसन और मेथी के आटे से बनाया जाता है। थेपला आमतौर पर नाश्ते में दही, अचार या चाय के साथ खाया जाता है। यात्रा के दौरान इसे आसानी से ले जाया जा सकता है क्योंकि यह सूखा नाश्ता है और लंबे समय तक खराब नहीं होता।
उंधियू
उंधियू गुजरात की पारंपरिक सब्जी है। खासकर सर्दियों में इसे बनाया जाता है। इसमें कंद-मूल और कई तरह की सब्जियों को मसालों और मूंगफली के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसका स्वाद बहुत ही खास होता है और इसे घर के त्यौहारों और खास मौकों पर बनाया जाता है।
ढोकली-खीचड़ी
ढोकली-खीचड़ी गुजराती खाने का एक पारंपरिक व्यंजन है। इसमें गेहूं और बेसन से बनी ढोकली को तुअर दाल की करी में पकाया जाता है। यह खाने में स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है। इसे खाने के बाद पेट भी हल्का महसूस होता है।
गुजराती कढ़ी
गुजराती कढ़ी उत्तर भारत की कढ़ी से अलग होती है। यह थोड़ी मीठी और खट्टी होती है। इसमें दही और बेसन के साथ मसालों का उपयोग किया जाता है। इसे आमतौर पर खिचड़ी के साथ परोसा जाता है। इसका स्वाद इतना हल्का और लाजवाब होता है कि हर कोई इसे पसंद करता है।
हांडवो
हांडवो एक प्रकार का मसालेदार केक है। इसे कद्दू, बेसन और मसालों से बनाया जाता है। इसे भाप में पकाया जाता है, जिससे यह स्वाद में हल्का और स्वास्थ्यवर्धक बन जाता है। हांडवो को दही या चटनी के साथ परोसा जाता है और यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है।
मुठिया
मुठिया छोटे-छोटे नमकीन डंपलिंग होते हैं। यह बेसन और मसालों से बनते हैं। मुठिया को दही की करी में पकाया जाता है या फिर इसे स्नैक की तरह भी खाया जा सकता है। इसका स्वाद अलग और यादगार होता है। गुजरात का खाना न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है।
















