देश के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक गिर सोमनाथ मंदिर की पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ पहुंचे हैं। यहां उन्होंने रोड शो निकाला। इसके बाद मंदिर में ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत अनुष्ठान किए। साथ ही कुंभाभिषेक के बाद पूजा-अर्चना की।
#WATCH | Gir Somnath, Gujarat: As part of the Somnath Amrut Mahotsav celebrations, Prime Minister Narendra Modi takes part in the Vishesh Maha Puja, followed by the Kumbhabhishek and Dhvajarohan ceremonies, marking the consecration rituals and hoisting of the temple flag.… pic.twitter.com/ZbhwglPU9a
— ANI (@ANI) May 11, 2026
रिपोर्ट के अनुसार, सोमनाथ पहुंचे प्रधानमंत्री ने सर्वप्रथम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ में ही रोड शो किया। इस मौके पर उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह पटेल और गृह मंत्री हर्ष सांघवी समेत कई नेता शामिल रहे। इस दौरान लोगों हजारों की भीड़ ने जय सोमनाथ-जय सोमनाथ का जयघोष किया।
वायुसेना का फ्लाई पास्ट
‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ के अवसर पर भारतीय वायु सेना की ‘सूर्य किरण’ एक्रोबेटिक्स टीम ने हवाई करतब दिखाए।
#WATCH | Gir Somnath, Gujarat: Indian Air Force's Surya Kiran Acrobatics team perform manoeuvres during the Somnath Amrut Mahotsav at the Somnath Temple, one of the twelve Jyotirlingas.
As part of the Somnath Amrut Mahotsav celebrations, Prime Minister Narendra Modi took part in… pic.twitter.com/uafKecMXpX
— ANI (@ANI) May 11, 2026
भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है सोमनाथ
इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमनाथ मंदिर को भारत की आध्यात्मिक चेतना और आस्था का प्रतीक बताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोंद्धार के आज 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहा है, जो भारत की सनातन ऊर्जा का उत्सव है। यह भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को और अधिक जागृत व समृद्ध करने के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है, जिससे भारत की भावी पीढ़ियां भी प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगी।
सांस्कृतिक आस्था के लिए ऐतिहासिक क्षण
वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के मौके को भारत की सांस्कृतिक, आस्था और आत्मचेतना का ऐतिहासिक क्षण करार दिया है। उन्होंने इसे अमर सभ्यता का उत्सव करार दिया है। जिसने अनेकों आक्रमणों , संघर्षों के बाद भी अपनी आस्था, संस्कृति और आत्मबल को अक्षुण्ण बनाए रखा।

















