January Amavasya 2026: मौनी अमावस्या की हिंदू धर्म में बेहद मान्यता है। इस दिन मौन व्रत का विशेष महत्व होता है। वाराणसी के शास्त्री दीपक जोशी कहते हैं कि मौनी अमावस्या पर मौन व्रत धारण करने और गंगा स्नान करने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं। इस अमावस्या पर ऋषि मनु का जन्म हुआ था। इस अमावस्या को माघ अमावस्या भी कहा जाता है। आइए मौनी अमावस्या की सही तिथि और मुहूर्त जानते हैं।
कब है मोनी अमावस्या?
मौनी अमावस्या 18 जनवरी को है। अमावस्या तिथि का प्रारम्भ 18 जनवरी दोपहर 12:03 बजे से होगा और समापन 19 जनवरी 2026 को 1:21 बजे होगा। मौनी अमावस्या की पूजा विधि की बात करें तो इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा नदी में स्नान करना चाहिए। अगर आप हरिद्वार या अन्य तीर्थों या संगम तट पर गंगा स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही स्नान करें। अगर आपके घर में गंगाजल है तो उसे पानी में मिलाकर इस दिन स्नान करें। स्नान के बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और साथ ही तुलसी के पौधे की 108 बार परिक्रमा करें। पूजा के बाद आपको गरीबों को भोजन करना चाहिए और दान करना चाहिए। इस दिन दान का बेहद महत्व है।
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शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05:27 बजे से 06:21 बजे तक
प्रातः सन्ध्या -सुबह 5:54 बजे से 7:15 बजे तक
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:10 बजे से 12:53 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 10:14 बजे से 19 जनवरी 7:14 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त-शाम 5:46 बजे से 06:13 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या – शाम 5:49 बजे से 07:09 बजे तक

















