उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग से जुड़ा है, जहां प्रोफेसर रचना कौशल ने एएमयू प्रशासन और कुछ शिक्षकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें केवल हिंदू होने की वजह से लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।
27 वर्षों से मानसिक उत्पीड़न का दावा
प्रोफेसर रचना कौशल के अनुसार, वह बीते करीब 27 वर्षों से इस मानसिक दबाव का सामना कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के भीतर उन्हें बार-बार अलग नजर से देखा गया और उनकी पहचान को मुद्दा बनाया गया। उनका कहना है कि यह उत्पीड़न केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संस्थागत स्तर पर होता रहा है।
तुम हिंदू हो, BHU जाओ…
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में महिला प्रोफेसर, रचना कौशल का 27 सालों तक हुआ उत्पीड़न, वजह उनका हिंदू होना
उनका दावा है कि मुस्लिम डीन ने उनसे कहा- “तुम हिंदू हो, BHU जाओ,” और प्रेग्नेंसी के दौरान टारगेट प्रेशर उनका गर्भपात भी हुआ।
शिकायत दर्ज कर ली गई… pic.twitter.com/ufGZ0PVzFC
— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) January 8, 2026
शिक्षण को लेकर लगाए गए आरोप
प्रोफेसर रचना कौशल ने बताया कि कुछ प्रोफेसरों ने उन पर यह आरोप तक लगाए कि हिंदू शिक्षक जानबूझकर मुस्लिम छात्रों को ठीक से नहीं पढ़ाते। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि एक शिक्षक की छवि और पेशेवर ईमानदारी पर भी सवाल खड़े करती हैं।
‘हिंदू हैं तो बीएचयू क्यों नहीं जातीं’ जैसी टिप्पणी
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि उनसे यह तक कहा गया कि अगर आप हिंदू हैं तो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय क्यों नहीं चली जातीं। उनके अनुसार, इस तरह की टिप्पणियां एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की सोच और माहौल पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और धार्मिक आधार पर भेदभाव को उजागर करती हैं।
कानूनी कार्रवाई का संकेत
प्रोफेसर रचना कौशल का कहना है कि अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि उनके पास कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए कानून का सहारा लेंगी। बता दें कि यह मामला एक बार फिर एएमयू में धार्मिक भेदभाव और अकादमिक स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहा है।

















