हरिद्वार/ऋषिकेश । विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, केंद्रीय मंत्री एवं धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार तथा क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया का प्रवास हरिद्वार एवं ऋषिकेश में रहा। इस दौरान देश के प्रमुख संत-महात्माओं से भेंट एवं विस्तृत संवाद हुआ।
संतों के साथ संवाद में उठाए गए महत्वपूर्ण विषय
संतों के साथ हुई वार्ता में भारत की वर्तमान सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय परिस्थितियों के साथ-साथ बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे निरंतर अत्याचार, मंदिरों पर हमले, महिलाओं के उत्पीड़न एवं जबरन पलायन जैसे गंभीर विषयों पर गहन विचार-मंथन किया गया। सभी संतों ने एक स्वर में इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए हिंदू समाज की एकजुटता और संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
सेवा, समरसता और साहस के साथ कार्य
इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद प्रारंभ से ही संत समाज के मार्गदर्शन में हिंदू समाज की रक्षा, धर्म-संस्कृति के संरक्षण और पीड़ित हिंदुओं की आवाज को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने का कार्य करती रही है। आज जब बांग्लादेश सहित अनेक स्थानों पर हिंदुओं को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाया जा रहा है, तब संतों का मार्गदर्शन हमें यह स्मरण कराता है कि संगठन का प्रत्येक कार्य सेवा, समरसता और साहस के साथ होना चाहिए। विहिप आने वाले समय में इन विषयों पर और अधिक सशक्त, संगठित एवं निर्णायक भूमिका निभाएगी।
हिंदू समाज की सुरक्षा और जागरूकता
क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक ने कहा कि संत समाज भारतीय राष्ट्र और सनातन संस्कृति की आत्मा है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार केवल वहां के हिंदुओं का विषय नहीं वरन समस्त विश्व हिंदू समाज की पीड़ा है। इस विषय पर जनजागरण, सामाजिक एकता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की दिशा में विहिप निरंतर कार्य करेगी।
संतों के मार्गदर्शन में जागरूकता अभियान और संगठित प्रयास
प्रवास के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि संतों के मार्गदर्शन में समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए जागरूकता अभियान, संवाद कार्यक्रम एवं संगठित प्रयासों को और व्यापक रूप दिया जाएगा ताकि हिंदू समाज आत्मसम्मान, सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ सके। विश्व हिन्दू परिषद ने संत समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन को संगठन की भावी दिशा के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
















