ईरान में वर्तमान सरकार के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। लोग इस्लामी कट्टरपंथ और अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर हैं। इस बीच ईरान के शासकों को धमकी देते हुए अमेरिका ने कहा है कि एक भी प्रदर्शनकारी मारा गया तो वे ईरान में हमले करेंगे।
क्या है पूरा मामला
ईरान के कई शहरों में विरोध और हड़तालें हो रही हैं। तबरेज़, काज़वीन, केरमानशाह, केरमान, शीराज, फलावरजान, बंदर अब्बास और दूसरे कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरे हैं। तेहरान के ग्रैंड बाज़ार में बड़ी भीड़ जमा हुई, जहां लोग नेतृत्व के खिलाफ नारे लगा रहे थे और राजशाही के समर्थन में आवाज़ें उठा रही थीं। सुरक्षा बलों ने वहां हथियारबंद यूनिट्स भेजीं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
तेहरान में हालात
तेहरान के सिना अस्पताल के पास या अंदर और प्लास्को शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के आसपास सुरक्षा बलों ने आंसू गैस छोड़ी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में ग्रैफिटी और तख्तियां दिखाईं। मशहद शहर में प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक का एक बड़ा झंडा उतार दिया।
हताहत और गिरफ्तारियां
मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक, विरोध शुरू होने से अब तक कम से कम 36 लोग मारे गए हैं—इनमें 34 प्रदर्शनकारी और 2 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं। 2,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बुशहर प्रांत के कंगन में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलाई।
ईरान से बाहर की प्रतिक्रियाएं
निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने विरोध को “अभूतपूर्व” बताया और गुरुवार को जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट बंद होने की कोशिश हो रही है, लेकिन स्टारलिंक डिवाइस, ईरान इंटरनेशनल और मनोटो नेटवर्क से संपर्क बना रहेगा। कुर्दिश पार्टियों ने भी गुरुवार के लिए देशव्यापी हड़ताल की पुकार दी। बलूचिस्तान पीपल्स पार्टी ने सिस्तान-बलूचिस्तान में विरोध और हड़ताल में हिस्सा लेने को “ऐतिहासिक जरूरत” कहा।
अमेरिका की तरफ से बयान
अमेरिकी रिपब्लिकन कांग्रेसमैन कीथ सेल्फ ने कहा कि ईरान के धार्मिक शासकों के दिन गिने जा चुके हैं, लोग बदलाव के लिए तैयार हैं और इस बार जनता का पलड़ा भारी है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर मारता है, तो अमेरिका सख्त जवाब देगा। उन्होंने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व का हवाला दिया कि ट्रंप अपनी बात पर कायम रहते हैं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने तेहरान में एक गुमनाम व्यक्ति का शुक्रिया अदा किया, जिसने एक सड़क का नाम ट्रंप के नाम पर रखा। सेनेटर जिम रिस्क ने कहा कि ट्रंप के राष्ट्रपति रहते ईरान को अमेरिका को धमकाना अच्छा नहीं जाता।
ईरान सरकार का पक्ष
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वो हस्तक्षेप कर रहे हैं, अशांति फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को मान्यता है, लेकिन आर्थिक समस्याएं अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से हैं। लेखिका जेके रोलिंग ने ईरानी प्रदर्शनकारियों की बहादुरी की तारीफ की और एक वीडियो शेयर किया, कहा कि उनकी हिम्मत अंधेरे में रोशनी की तरह है।

















