पूर्वी चंपारण (हि.स.) । बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाले भगवान शिव का विराट शिवलिंग गंडक नदी पर बने डुमरियाघाट पुल होकर जिला की सीमा में पहुंच गया।
हजारों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन और पूजन
इस अवसर पर कड़ाके की ठंढ में हजारो की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के नारो के साथ शिवलिंग का दर्शन और पूजन किया।
डुमरियाघाट पुल से हुसैनी बाजार तक भारी भीड़
शिवलिंग डुमरियाघाट पुल से जैसे ही आगे बढ़ी नरसिंह बाबा मंदिर, दुबौली चौक, रामपुर खजुरिया चौक और हुसैनी बाजार तक सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ खड़ी रही। जगह-जगह फूल मालाओं से माताओं, बुजुर्गों और नौजवानों ने बाबा भोलेनाथ का स्वागत किया।
डुमरियाघाट पुल के पास विधिवत दर्शन
सोमवार देर शाम शिवलिंग डुमरियाघाट पुल के समीप पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत दर्शन किए। इसके बाद दुबौली चौक और रामपुर खजुरिया चौक पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
प्रशासन रहा सतर्क
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर एक ओर का यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
एनएचएआई टीम और पुलिस बल रहा तैनात
इस मौके पर एनएचएआई की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे। इस ऐतिहासिक क्षण का फोटो और वीडियो बनाने के लिए लोगों में काफी होड़ देखी गई।
तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुआ निर्माण
उल्लेखनीय है, कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित दुनिया के सबसे विराट शिवलिंग लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी और 33 फीट ऊंची है, जिसे लाने के लिए 96 पहियों वाले विशेष ट्रक का उपयोग किया गया है।
खरमास के बाद होगी स्थापना
इस शिवलिंग को खरमास के बाद विशेष पूजन के उपरांत विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जायेगा।

















