अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके निकोलस मादुरो का अपहरण क्या कर लिया, अब भारत को धमकी देने की कोशिश कर रहा है। ताजा मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक बार फिर धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ‘रूसी तेल के मुद्दे’ पर अमेरिका की मदद नहीं करता, तो भारतीय सामान पर लगे मौजूदा टैरिफ को और बढ़ाया जा सकता है।
ट्रंप ने एक पब्लिक प्रोग्राम में ये बात कही। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर झूठ बोला, “वे असल में मुझे खुश करना चाहते थे। पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं। वह एक अच्छे इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था। मुझे खुश करना ज़रूरी था। हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं।” ट्रंप का दावा है कि पहले पीएम मोदी ने उनसे वादा किया था कि भारत रूसी तेल की खरीदारी बंद कर देगा, लेकिन अब वो पूरा नहीं हो रहा।
भारत की तरफ से क्या स्थिति है?
भारत ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। नई दिल्ली का कहना है कि मोदी और ट्रंप के बीच ऐसी कोई बात या भरोसा नहीं हुआ था कि रूसी तेल खरीदना बंद हो जाएगा। भारत अभी भी रूस से काफी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है, क्योंकि ये सस्ता मिलता है और ऊर्जा की ज़रूरत पूरी करता है।
टैरिफ का बैकग्राउंड
पिछले साल अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर आयात टैरिफ दोगुना करके 50% कर दिया था। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इसमें से आधा (25%) हिस्सा खासतौर पर रूसी तेल खरीदने की वजह से ‘सजा’ के तौर पर लगाया गया। अमेरिका का तर्क है कि रूस तेल बेचकर जो पैसा कमा रहा है, उससे वो यूक्रेन युद्ध को चला रहा है। ट्रंप के कुछ अधिकारी ये भी आरोप लगाते हैं कि भारत रूसी तेल खरीदकर उसे रीसेल करके अरबों का मुनाफा कमा रहा है।
ट्रंप का ये बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-भारत के बीच व्यापार बातचीत चल रही है, लेकिन रूसी तेल वाला मुद्दा अभी भी सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है। भारत रूस का तेल सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, खासकर यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से।
















