धामी सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश को 'सनातन पवित्र नगरी' घोषित करेगी! 105 घाटों पर गैर-हिंदू प्रवेश प्रतिबंध
June 26, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

धामी सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश को ‘सनातन पवित्र नगरी’ घोषित करेगी! 105 घाटों पर गैर-हिंदू प्रवेश प्रतिबंध

उत्तराखंड की धामी सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश को 'सनातन पवित्र नगरी' घोषित करने पर विचार कर रही है। हर की पैड़ी सहित 105 घाटों पर गैर-हिंदू प्रवेश वर्जित करने का प्रस्ताव, 100 साल पुराने बायलॉज को लागू करने की तैयारी। कुंभ 2027 से पहले पवित्रता बनाए रखने की मांग तेज।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो — edited by कुलदीप सिंह
Jan 4, 2026, 09:58 am IST
in उत्तराखंड

हरिद्वार: नगर निगम हरिद्वार ऋषिकेश के बायलॉज के अनुसार हर की पैड़ी सहित कुछ घाटों पर गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित है। सूत्रों के मुताबिक अब इस बायलॉज को हरिद्वार के 105 घाटों पर लागू किए जाने पर धामी सरकार विचार कर सकती है साथ ही इसे ऋषिकेश सहित संपूर्ण कुंभ क्षेत्र में लागू किया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार, आगामी कुंभ से पहले इस प्रस्ताव पर विचार मंथन का दौर चल रहा और धामी सरकार गंगा नगरी को “सनातन पवित्र नगरी” घोषित कर सकती है। गंगा तीर्थ नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश को लेकर संपूर्ण सनातन धर्म में श्रद्धा-आस्था है। जानकारी के मुताबिक भारत रत्न प. मदन मोहन मालवीय ने एक बड़े जनांदोलन के बाद ब्रिटिश हुकूमत के साथ 1916 में हरिद्वार ऋषिकेश के संदर्भ में एक समझौता किया था और उस समझौते के अनुसार गंगा की धारा को अविरल बहने के साथ साथ हरिद्वार ऋषिकेश नगरी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कुछ नियम बनाए गए थे, जिन्हें बाद में नगर पालिका की नियमावली में शामिल किया गया था।

हर की पैड़ी में गैर हिन्दू प्रवेश वर्जित

इन नियमों में एक नियम ये भी था कि हर की पैड़ी सहित गंगा के घाटों में गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित किया गया था। इस नियम का पालन आज भी किया जाता रहा है। हर की पैड़ी की श्री गंगा सभा इस नियम का सख्ती से पालन करवाती है। बताया जाता है कि एक नियम ये भी था कि हरिद्वार ऋषिकेश में कोई गैर हिंदू के रात्रि प्रवास नहीं कर सकता, गैर हिंदू ,पालिका क्षेत्र में आयेगा और काम करके वापिस चला जाएगा। दरअसल इसके नियम के पीछे मकसद ये था कि इन दोनों तीर्थ नगरियों में गैर हिंदुओं के बसने की इजाजत नहीं दी गई।
समय के बदलाव के साथ साथ ऐसे नियम ठंडे बस्ते में चले गए या फिर सेकुलर सरकारों द्वारा संशोधन कर बदल दिए गए।

100 साल पहले बने नियम

उल्लेखनीय है कि हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और हिन्दू धर्मशालाएं, अखाड़े, मठ,आश्रम हुआ करते थे आज भी ये विद्यमान है। जहां गैर हिंदुओं के प्रवेश अथवा रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं है। मुख्यतः ये सभी स्थान पावन गंगा के घाटों के एक किमी के दायरे में ही है। जानकारी के मुताबिक करीब सौ साल पहले जब ये नियम बने तब हरिद्वार ऋषिकेश पालिका क्षेत्र परिधि में कुछ ही पक्के घाट थे, चूंकि अब निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ गया है इसलिए पालिका के पुराने बायलॉज भी विस्तार पा चुके हैं। पिछले दिनों कुंभ क्षेत्र में गंगा घाटों की गणना और सर्वे का काम मेला प्राधिकरण द्वारा किया गया तो पाया गया कि 105 घाटों की संख्या सामने आई। इन घाटों का कुंभ की दृष्टि से हरित प्रक्रिया से पुनर्निर्माण का काम किया जाना है।

सनातन संगठन, अखाड़ा परिषद, संत समाज, श्री गंगा सभा ये मांग करती आई है कि गंगा तीर्थ नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश के नगर निगम क्षेत्र को   पवित्र तीर्थ नगरी घोषित किया जाए और यहां पर गैर हिंदुओं के रात्रि प्रवास पर और सभी गंगा घाटों पर जाना  प्रतिबंधित रहे साथ ही मांस मदिरा की बिक्री पर भी रोक लगे। जानकारी के मुताबिक राज्य की धामी सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है।

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष का बयान

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम बताते हैं कि हर की पैड़ी और अन्य घाटों में गैर सनातन व्यक्ति के आने की मनाही है और ये आज की नहीं है अपितु सौ साल से भी अधिक समय से पहले से चली आ रही है। श्री गौतम कहते हैं कि हमारी सरकार से ये मांग रही है कुंभ क्षेत्र को या निगम क्षेत्र को पवित्र स्थान घोषित किया जाए क्योंकि ये कुंभ क्षेत्र सनातन की आस्था का सर्वोच्च स्थल है। यहां कुंभ महाकुंभ के अलावा, हर साल शिव भक्त करोड़ों की संख्या में कांवड़ लेने आते है। संक्रांति पूर्णमासी अमावस को लाखों सनातनियों के आस्था हरिद्वार की पावन गंगा से जुड़ी है इस लिए इसकी पवित्रता बनाए रखने की जरूरत है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान

पुष्कर सिंह धामी, राज्य बनने  के बाद पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने देव भूमि उत्तराखंड के सनातन सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने की चिंता की है। वे अपने बयानों में हमेशा कहते रहे है कि उत्तराखंड के देव स्वरूप को हर हाल में बनाए रखा जाएगा।

आस्था का कुंभ है नजदीक

हरिद्वार ऐसी पावन तीर्थ नगरी है जहां हर साल करीब 4 करोड़ के करीब तीर्थ यात्री आते है, सनातन धर्म में गंगा को “मैय्या” कह कर आस्था व्यक्त की गई है। 2027 में कुंभ (अर्ध कुंभ) होने जा रहा है साथ ही सावन के माह में करोड़ों शिव भक्त कांवड़ियों के यहां हर साल आना होता है, गंगा के  प्रति गहन आस्था का ये वर्ष रहने वाला है। केंद्र और राज्य सरकार हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर निर्माण के लिए काम शुरू कर चुकी है। करोड़ों तीर्थ यात्रियों के आवागमन के भार को पावन गंगा नगरी सहन कर ले इस दिशा में योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे में ऋषिकेश और हरिद्वार को पवित्र नगरी घोषित करके धामी सरकार,सनातन धर्म के प्रति अपने सेवा संकल्प को सिद्धि तक पहुंचा सकती है।

Topics: उत्तराखंड सनातन नियमHaridwar holy cityHaridwarentry prohibited for non-Hindusdhami governmentHar Ki Pauri rulesकुंभ 2027 तैयारीRishikesh ghat restrictionsहरिद्वार पवित्र नगरीSanatan holy cityधामी सरकार हरिद्वारUttarakhand Sanatan rulesगैर हिंदू प्रवेश वर्जितKumbh Mela 2027 preparationsहर की पैड़ी नियमऋषिकेश घाट प्रतिबंधसनातन पवित्र नगरी
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

udham singh nagar paharganj illegal colony demolition notice to 199 houses

उधम सिंह नगर: 100 के स्टांप पर भू-माफियाओं ने बसा दी अवैध बस्ती, प्रशासन ने 199 मकानों को थमाया ध्वस्तीकरण का नोटिस

रविंद्रपुरी

हरिद्वार से नासिक तक कुंभ की भव्य तैयारी, करोड़ों के प्रोजेक्ट पर शुरू हुआ काम

हरिद्वार के बुग्गावाला में लगेगा उत्तराखंड का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट

समीक्षा

कुंभ 2027: हरिद्वार में तेज हुई तैयारियां, चीफ सेक्रेटरी ने दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड : गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से लिंक करने की तैयारी, यूपीडा के अधिकारियों संग हुई बैठक

CM धामी सरकार के 4 साल पूरे: 7 मार्च को हरिद्वार में अमित शाह की बड़ी रैली

Load More

ताज़ा समाचार

Samvidhan Hatya Diwas Mukhtar Abbas Naqvi Congress Emergency Statement BJP

संविधान हत्या दिवस पर बोले मुख्तार अब्बास नकवी: आपातकाल कांग्रेस की क्रिमिनल करतूत, पाप ढकने का पाखंड कर रहे कांग्रेसी!

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री , छत्तीसगढ़

UCC: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया शुरू, खाका तैयार करेगी देसाई समिति

इमरजेंसी फाइल्स-3 (राजन ढींगरा)

Emergency 25 June 1975 : निर्वस्त्र करके पीठ पर टायर से मारते थे, आज भी पैर सुन्न हो जाते हैं

Uttarakhand Ex Servicemen Skyriders Ladakh Expedition Journey Completed Veterans Achievement

पूर्व सैनिकों का लद्दाख में कमाल: ‘स्काईराइडर्स’ ने पूरी की सबसे कठिन यात्रा, जानिए अदम्य साहस और जज्बे की अनोखी गाथा!

Nirjala Ekadashi 2026 Haridwar Ganga Snan Devotees Crowd Har Ki Pauri

उत्तराखंड: निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब, गंगा स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

samvidhan hatya diwas uttarakhand cm pushkar singh dhami honors loktantra senani

Uttarakhand: ‘संविधान हत्या दिवस’ पर सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित, आपातकाल पर कांग्रेस को घेरा

प्रतीकात्मक तस्वीर

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा केस: SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन, 6 कैशियर समेत 8 लोगों पर FIR दर्ज

आपातकाल का सच

आपातकाल का सच: कुछ घाव इतिहास बनकर जीवित रहते हैं

भगवंत मान के खिलाफ लगे पोस्टर

मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ पंजाब में लगने लगे बहिष्कार के बैनर

cm yogi adityanath addresses samvidhan hatya diwas emergency

संविधान हत्या दिवस: CM योगी ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए किए बड़े एलान, कहा- “सत्ता के लिए घोंटा गया लोकतंत्र का गला”

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies