गोवा में आयोजित सागर मंथन संवाद- 4.0 में वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा और पाञ्चजन्य की सलाहकार संपादक तृप्ति श्रीवास्तव ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ विभिन्न विषयों पर बात की। श्री सावंत ने कांग्रेस के वोट चोरी के मुद्दे को बकवास करार दिया और बताया कि अभी हाल ही में गोवा में जिला पंचायत चुनाव ई.वी.एम. से नहीं, बल्कि पोस्टल बैलेट से हुए और कांग्रेस बुरी तरह हार गई। यानी उसकी पोस्टल बैलेट की मांग भी काम नहीं आ रही है। एस.आई.आर. के मुद्दे पर श्री सावंत ने कांग्रेस के शोर मचाने को लेकर कहा कि खुद कांग्रेस की सरकार के दौरान 10 बार एस.आई.आर. हुआ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की असल चिंता घुसपैठियों के वोट कटने को लेकर है। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

गोवा का वह कौन-सा सुशासन है कि जिला पंचायत स्तर के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 50 में 33 सीट मिलती हैं?
मैंने अपने सात वर्ष के कार्यकाल में कई क्षेत्रों में सुधार लाने के प्रयास किए हैं। ये चुनाव परिणाम बता रहे हैं कि जो सुधार हुए हैं, उनसे जनता खुश है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार किया गया है। सबसे बड़ा सुधार यह है कि युवाओं को कर्मचारी चयन आयोग का ‘कॉल लेटर’ यहीं पर मिल रहा है।
रोजगार देने में पारदर्शिता लाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा और यह यात्रा कैसी रही?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट कहना है कि किसी भी सूरत में पारदर्शिता लानी है और इसलिए हमने कड़ा फैसला लिया कि चाहे जैसे हो, रोजगार देने में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। हमने सी और डी श्रेणी की नौकरियों के लिए पारदर्शिता पर जोर दिया। हमारी कार्यपद्धति ऐसी है कि जब बच्चा परीक्षा देकर बाहर निकलता है तो डिजिटली उसे उसका नंबर तुरंत मिल जाता है और उसके बाद की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों का चयन होता है। मैं दावे के साथ से कह सकता हूं कि गैर राजग शासित राज्यों में हमारे जैसी पारदर्शी व्यवस्था नहीं होगी।
आपकी सरकार की उपलब्धियां क्या हैं?
हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर मिशन को गोवा में धरातल पर उतारा है। यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि प्रधानमंत्री के 13 महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं, जो मेरी सरकार ने पूरे किए हैं। इसके अलावा अपराध से निपटने के लिए एस.आई.टी. बनाई गई है, जिससे अपराध पर भी नियंत्रण हुआ है। इसके अलावा हमने औद्योगिक क्षेत्र की मुश्किलों को कम करने का भरपूर प्रयास किया है। यही नहीं, राज्य में 100 करोड़ रु. तक का निवेश करने वालों को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है।
जिला पंचायत चुनाव के परिणामों पर राजग खुश है, यह तो समझ आता है, लेकिन कांग्रेस भी काफी संतुष्ट है, क्यों?
कांग्रेस इतने में ही खुश है तो अच्छी बात है। आगे आने वाले 2027 के चुनाव में वह इसी तरह रहे, उसे शुभकामनाएं हैं।
कांग्रेस वोट चोरी और एस.आई.आर. में गड़बड़ी का आरोप लगा रही है। इस पर क्या कहना चाहेंगे!
वोट चोरी जैसे मुद्दे कोई मायने नहीं रखते हैं, फिर भी कांग्रेस ऐसी बातें करती रही है। इस बार का जिला पंचायत चुनाव ई.वी.एम. से नहीं, बल्कि पोस्टल बैलेट से हुआ है। लेकिन गोवा के मतदाताओं ने राजग को ही चुना। अब तक देश में 13 बार एस.आई.आर. हुआ है। अकेले कांग्रेस के ही कार्यकाल में 10 बार एस.आई.आर. हुआ है। कांग्रेस को असल चिंता इस बात की है कि जिन घुसपैठियों का वोट उसे मिलता है, कहीं उनका वोट न कट जाए।
यह ‘माझे घर’ योजना क्या है?
सरकार का लक्ष्य है 100 प्रतिशत घरों को कानूनी मान्यता देना, विशेषकर 1972 से पहले बने घरों को। पहले यह कानूनी मान्यता नहीं थी। इसके लिए फॉर्म निकाले गए हैं और 2027 के चुनाव से पहले जो फॉर्म भरकर देगा, उसे कानूनी मान्यता मिल जाएगी।
गोवा के इतिहास को बताने में आप कितने सफल रहे?
पुर्तगालियों के गोवा आगमन (1510) से पहले गोवा पर कई राजवंशों का शासन था, जिनमें कादंब, चालुक्य, राष्ट्रकूट, शिलाहार, बहमनी सल्तनत और विजयनगर साम्राज्य शामिल थे। छत्रपति शिवाजी महाराज भी गोवा आए थे। गोवा के नार्वा में आज भी जब हम सप्तकोटेश्वर मंदिर देखते हैं, तो छत्रपति शिवाजी महाराज की याद आती है। ‘एनिमेशन’ के जरिए हम गोवा के इतिहास को सामने ला रहे हैं।
















