बांग्लादेश में इस्लामिक कट्टरपंथियों के द्वारा की जा रही हिंसा पर पूर्व राज्यसभा सांसद और अभिनेत्री जया प्रदा ने दुख व्यक्त किया है। वह कहती हैं आखिर एक इंसान के साथ ऐसी क्रूरता की जा सकती है। उन्होंने इसे असमान्य हिंसा करार दिया और कहा कि ये हिन्दू धर्म पर हमला है।
जया प्रदा का बयान
समाचार एजेंसी पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो जारी कर जया प्रदा ने कहा, “आज मैं बहुत दुखी हूँ, मेरा दिल खून के आँसू रो रहा है, यह सोचकर कि बांग्लादेश में एक इंसान के साथ ऐसी क्रूरता कैसे की जा सकती है, एक निर्दोष हिंदू व्यक्ति दीपू चरण दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, उन्होंने न सिर्फ उसे मारा, बल्कि पेड़ से बांधकर आग लगा दी, क्या यह नया बांग्लादेश है? यह सामान्य हिंसा नहीं है, यह मॉब लिंचिंग है, यह हिंदू धर्म पर हमला है, हमारे मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, महिलाओं पर हमला किया जा रहा है, हम कब तक चुप रहेंगे? हम धर्मनिरपेक्षता के नाम पर चुप हैं, हमें अपनी आवाज़ उठानी चाहिए, हमें वहाँ के लोगों की मदद करनी चाहिए। हमें मिलकर उनके लिए न्याय दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।”
VIDEO | Former MP and actor Jaya Prada (@realjayaprada) says, "Today I am very unhappy, my heart is bleeding, thinking how such kind of brutality can be done to a person, in Bangladesh, an innocent Hindu person Dipu Charan Das was lynched by a mob, they not only killed him, but… pic.twitter.com/oBN3dNE1vx
— Press Trust of India (@PTI_News) December 25, 2025
एक और हिन्दू की हत्या
दीपू पर झूठा आरोप लगाकर उनकी हत्या की गई थी। अब अमृत मंडल पर वसूली का आरोप लगाकर उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को जला दिया गया। वह सम्राट वाहिनी ग्रुप के लीडर थे। पिता का नाम अक्षय मंडल है। बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया का दावा है कि अमृत मंडल आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। वहीं पुलिस का दावा है कि उनके खिलाफ थाने में दो मामले दर्ज थे। स्थानीय मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि अमृत भारत से कुछ दिन पहले ही लौटे। उन्होंने गांव के शाहिदुल इस्लाम के घर गए और पैसे मांगे। उसी दौरान उन पर हमला हुआ। घटना पांग्शा उपजिले के हौसैनदागा ओल्ड मार्केट की है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि 14 दिसंबर को बांग्लादेश के मयमेन सिंह जिले में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने पैगंबर मुहम्मद के अपमान का झूठा आरोप लगाकार फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसे पेड़ से बांधकर जला दिया जाता है। घटनाओं को देखते हुए जानकारों का कहना है कि ये सब यूनुस के ही इशारे पर हो रहा है। यूनुस की साजिश है कि बांग्लादेश में माहौल बिगड़े और वो ये कह सकें कि देश में हालात खराब हैं और इसलिए अभी चुनाव कराना संभव नहीं है।

















