बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ‘बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत’ (बीएनजीए) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां पिछले एक सप्ताह के भीतर हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुमिला शहर में एक मंदिर के भीतर उस समय दहशत फैल गई जब पूजा के दौरान उपद्रवियों ने देसी बम से धमाका कर दिया।
मंदिर पर किया देसी बम से हमला
8 मार्च 2026 को कोमिला शहर के ‘कालीगाछ तला काली मंदिर’ में शनि देव की पूजा चल रही थी। शाम करीब 6:30 बजे सांप्रदायिक तत्वों ने मंदिर के भीतर बम विस्फोट किया। इस हमले में मंदिर के पुजारी केशव चक्रवर्ती समेत 4-5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति को मंदिर में एक बैग छोड़ते हुए देखा गया है।
पूजा के दौरान धमाका
पुजारी ने बताया कि विस्फोट के बाद चारों तरफ धुआं फैल गया और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। हमलावरों ने मंदिर के पास ही एक बौद्ध मंदिर और एक निजी कार्यालय के पास भी दो और बम धमाके किए। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सजोल कुमार चंदा ने कहा कि यह धमाका पूजा के दौरान किया गया। धमाके से पहले सीसीटीवी फुटेज में एक मास्क पहने शख्स मंदिर में घुसता दिखाई दिया था।
बांग्लादेश के न्यूज आउटलेट ‘द डेली स्टार’ ने इस हमले की पुष्टि की है। कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के थाना इंचार्ज तौहीदुल अनवर ने बताया कि मंदिर के पुजारी केशव चक्रवर्ती और अन्य घायलों का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है।
दो हिंदुओं की चाकू मारकर हत्या
बम धमाकों के अलावा, बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में टारगेटड किलिंग का सिलसिला जारी है। मानवाधिकार समूह ने अपनी रिपोर्ट में दो अन्य हत्याओं का जिक्र किया है। 6 मार्च 2026 को बोगरा जिले के सरियाकांडी में चयन राजभर (40) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। चयन एक कोचिंग सेंटर के निदेशक थे। बताया जा रहा है कि जमीन के विवाद को लेकर उन पर हमला किया गया।
अगले दिन यानी 7 मार्च को कॉक्स बाजार शहर में गणेश पाल (29) नामक युवक की हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, गणेश ने सांप्रदायिक तत्वों को फिरौती देने से मना कर दिया था, जिसके बाद उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।
दोषियों को कड़ी सजा की मांग
इन सारे संगीन मामलों का हवाला देते हुए बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत ने सरकार से ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
अल्पसंख्यकों पर हो रहे हैं हमले
बता दें कि, पिछले महीने हुए चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है और तारिक रहमान देश के प्रधानमंत्री बने हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि नई सरकार के आने के बाद भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराधों में कमी नहीं आई है।

















