बांग्लादेश में आज यानी 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव पिछले साल के छात्र आंदोलन और बदलाव के बाद हो रहा है, जो करीब 18 महीने बाद आया है। देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, लेकिन मतदान से ठीक पहले एक घटना ने सबको चौंका दिया है। मौलवी बाजार जिले के चम्पारा इलाके में एक 28 साल के हिंदू युवक का शव मिला है।
घटना का विवरण
युवक का नाम रतन साहूकार (या कुछ रिपोर्टों में रतन शुबो कर) था। वह चाय बागान में मजदूर के तौर पर काम करता था, खासकर चम्पारा चाय बागान में। बुधवार सुबह करीब 10 बजे उसके साथियों ने चाय बागान के अंदर उसका शव देखा। शव के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। शरीर पर धारदार हथियार से कई गहरे घाव थे, जिनसे खून अभी भी बह रहा था। साथियों का कहना है कि यह साफ तौर पर हत्या लगती है, क्योंकि घावों की गहराई और बंधे हुए अंग इसे सुनियोजित हमला बताते हैं।
पुलिस और जांच
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जांच शुरू हो चुकी है। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या चुनाव से जुड़ी है या किसी पुरानी रंजिश की वजह से हुई। पुलिस के मुताबिक, मौके से कोई प्रत्यक्ष सबूत या गवाह अभी सामने नहीं आया है, लेकिन जांच जारी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
चाय बागान के अन्य मजदूरों और साथियों ने हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस घटना से इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश हो सकती है। खासकर हिंदू समुदाय में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि हाल के महीनों में अल्पसंख्यकों पर कुछ और घटनाएं भी हुई हैं।
चुनाव का संदर्भ
यह चुनाव बांग्लादेश के लिए काफी अहम है। अवामी लीग पर प्रतिबंध है, और विभिन्न पार्टियां मैदान में हैं। मतदान सुबह से शुरू हुआ और शाम 4:30 बजे तक चलेगा। देशभर में 3 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। चुनाव से पहले हिंसा की कुछ घटनाएं रिपोर्ट हुईं, जिनमें राजनीतिक झड़पों में कुछ मौतें और सैकड़ों घायल हुए। लेकिन यह खास घटना मतदान के दिन से ठीक पहले की है, जिसने अल्पसंख्यक सुरक्षा पर फिर से बहस छेड़ दी है।

















