राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद और हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर एक पोस्ट की है। इसमें उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा इस्लामिक देशों में निर्यात के लिए हलाल सर्टिफिकेशन की आड़ में कंपनियों से करोड़ों रुपये वसूले गए।
जमीयत की वसूली पर लगेगा ताला
कानूनगो ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जमीयत ने इसी पैसों से प्रेम के झांसे में ली गई लड़कियों के अवैध कन्वर्जन को रोकने वाले कानूनों को खत्म करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की और एनआईए द्वारा पकड़े गए संदिग्धों को वकील दिलवाए। उन्होंने कहा कि निर्यात के लिए सरकारी हलाल सर्टिफिकेट जारी करने के निर्णय से जमीयत की हलाल सर्टिफिकेट की कॉर्पोरेट वसूली पर ताला लगेगा।
जमीयत लीगल सर्विसेज दंगा फैलाने वालों का दे रही साथ
कानूनगो ने पोस्ट के साथ जमीयत उलेमा-ए-हिंद किस तरह से हिंसा फैलाने वालों की मदद कर रहा है उसके बारे में विस्तार से बताते हुए उनके एक पोस्टर को भी साझा किया है। इसमें बताया गया है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एक यूनिट जमीयत लीगल सर्विसेज दंगा फैलाने वालों के साथ खड़ी है और उन्हें बचाने के लिए उनको लीगल सर्विसेज प्रदान कर रही है।
जमीयत ए उलेमा द्वारा इस्लामिक देशों में निर्यात के लिए हलाल सर्टिफिकेशन की आड़ में कंपनियों से करोड़ों रुपये वसूले गए।
जमीयत ने इसी पैसे से प्रेम के धोखे में लड़कियों के अवैध धर्मांतरण को रोकने वाले कानूनों को खत्म करने की सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और NIA द्वारा पकड़े गए… pic.twitter.com/F8OkSaqcca— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) December 23, 2025
जमीयत लीगल सर्विसेज ने कुल 1074 मामलों का उल्लेख किया है। इसमें मेवात दंगे में कुल 663 लोग पकड़े गए, जिनमें से 589 को जमानत मिली और 9 को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। वहीं दिल्ली दंगे में कुल 267 आरोपियों में से 77 को बरी कर दिया गया, जबकि 267 का ट्रायल हुआ और 586 को जमानत मिली। इसी तरह एनआईए ने 125 को पकड़ा, जिसमें से 114 बरी किए गए 35 को मृत्युदंड से बचाया गया और 129 को जमानत दिलवाई गई। इसके अतिरिक्त असम एनआरसी, लव जिहाद एक्ट, मस्जिद और मदरसा, हेट स्पीच, बुलडोजर कार्रवाई जैसे कानूनों को खत्म करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की।
ओमान ने दी मान्यता
ओमान ने भारत सरकार के हलाल मीट सर्टिफिकेशन को स्वीकार कर लिया है। भारत अब खाड़ी के अन्य देशों से भी बात कर सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक भारत उन देशों से बात कर रहा है जहां हलाल सर्टिफिकेट जरूरी है। गौरतलब है कि जमीयत हलाल सर्टिफिकेशन के जरिये समानांतर अर्थव्यवस्था चलाता है। यह खाने-पीने की नहीं, सौंदर्य प्रसाधन जैसी सामग्री पर भी हलाल सर्टिफिकेट जारी कर देता है। सरकार के कदम से जमीयत को तगड़ा झटका लगेगा।

















