बांग्लादेश हिंसा: बांग्लादेश के मायमेनसिंह जिले में 18 दिसंबर 2025 की रात एक 28 साल के हिंदू गारमेंट वर्कर दीपु चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। दीपु अपनी फैक्ट्री में काम कर रहे थे और परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उनके घर में पत्नी, एक साल का बच्चा और सात अन्य लोग थे। अफवाह थी कि उन्होंने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट की है, लेकिन जांच में यह पूरी तरह झूठी निकली। दीपू के भाई ने अपू ने कहा कि जो मेरे भाई के साथ हुआ, वैसा तो जानवरों के साथ भी नहीं होता।
घटना कैसे हुई
शाम करीब 9 बजे भालुका इलाके की पायनियर निटवेयर्स फैक्ट्री में करीब 140 इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ पहुंची। उन्होंने दीपु को बाहर घसीटा, लाठियों, मुक्कों और लातों से इतना मारा कि उनकी मौत हो गई। फिर लाश को जमीर्दिया चौक ले जाकर पेड़ पर लटकाया और आग लगा दी। यह सब लोगों के सामने हुआ और वीडियो वायरल हो गया। पुलिस ने मुश्किल से भीड़ को हटाकर लाश बरामद की और अस्पताल भेजी। परिवार को शव देखने तक नहीं दिया गया, जल्दी से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिवार का दर्द
दीपु के छोटे भाई अपू चंद्र दास (22 साल) ने बताया कि सहकर्मी का फोन आया था कि भाई को भीड़ ले गई है, लेकिन समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। अपू ने कहा, “जो मेरे भाई के साथ हुआ, वह कल्पना से परे है। जानवरों के साथ भी ऐसा नहीं होता।” मां-बाप पूरी तरह टूट गए हैं। अपू खुद मजदूरी करता है, कोई स्थिर कमाई नहीं। उन्होंने कहा, “हम अब जीना नहीं जानते। इतनी बड़ी हिंसा के बाद न्याय की उम्मीद कम है।” परिवार में हर कोई सदमे और डर में है। अपू ने 19 दिसंबर को भालुका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की।
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समुदाय में खौफ और खामोशी
परिवार वाले बताते हैं कि घटना के बाद इलाके में हिंदू समुदाय में डर का माहौल है। कोई खुलकर बोल नहीं रहा। शव को देखने से भी रोका गया। अपू को लगता है कि जानबूझकर अफवाह फैलाई गई ताकि हिंसा भड़के। लोग चुप हैं क्योंकि डर है कि कुछ बोलेंगे तो मुसीबत आएगी।
पुलिस और जांच की स्थिति
बांग्लादेश की एलीट फोर्स रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने जांच की और पाया कि दीपु ने कोई आपत्तिजनक पोस्ट नहीं की थी। अफवाह बेबुनियाद थी। डिजिटल सबूतों से और गिरफ्तारियां होंगी। अभी 12 लोग पकड़े गए हैं, उन्हें 22 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया गया और तीन दिन की रिमांड मिली। पुलिस ने परिवार को न्याय का भरोसा दिया है।

















