बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भारत में काफी गुस्सा है। इसी बीच पश्चिम बंगाल में हिन्दू संगठनों ने बांग्लादेशी में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही संगठन ने बांग्लादेशी अधिकारियों को सीधी चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि अगर हिन्दुओं के खिलाफ अत्याचार नहीं रुका तो आपको भी काम नहीं करने देंगे।
बांग्लादेश में क्या हो रहा है?
पिछले कुछ समय से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमले बढ़े हैं। सबसे ज्यादा चर्चा में आया मामला 18 दिसंबर का है, जब मायमनसिंह जिले में 27 साल के दीपू चंद्र दास नाम के हिंदू युवक को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला। उन्हें पेड़ से लटकाया गया और फिर शरीर में आग लगा दी गई। इससे पहले अमृत मंडल नाम के एक अन्य हिंदू युवक की हत्या की खबर भी आई थी। अंतरिम सरकार (मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली) में अब तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से ज्यादा हिंसा की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। दीपू चंद्र दास के मामले में सरकार ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये काफी नहीं है। असल सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
भारत में प्रदर्शन तेज हुए
इन घटनाओं के बाद भारत के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे संगठनों ने रैली निकालीं। सिलीगुड़ी में तो पहले वीजा सेंटर में तोड़फोड़ तक हुई, जिसके बाद बांग्लादेश ने भारत के राजदूत को तलब किया था।
पश्चिम बंगाल में ये प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। सिलीगुड़ी में गुरुवार को बांगिया हिंदू महामंच ने बड़ा धरना दिया। कोलकाता और गुवाहाटी में शुक्रवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे। कोलकाता में भगवा कपड़े पहने कार्यकर्ता बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन के बाहर जमा हुए। भाजपा नेता और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी खुद वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ कमीशन परिसर में घुसे। उन्होंने अधिकारियों से बात की और हिंदुओं पर अत्याचार रोकने की मांग रखी। गुवाहाटी में भी बंगाली यूनाइटेड फोरम ने असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया।
बांगिया हिंदू महामंच की चेतावनी
सिलीगुड़ी के प्रदर्शन में बांगिया हिंदू महामंच के अध्यक्ष बिक्रमादित्य मंडल ने सबसे कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं को जिस तरह लिंच किया जा रहा है, उसके खिलाफ हम प्रदर्शन कर रहे हैं। हमने पहले ही वीजा कार्यालय बंद करवा दिया है। अगर बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा नहीं हुई, तो हम यहां बांग्लादेशी अधिकारियों को शांतिपूर्वक रहने नहीं देंगे। हम उन्हें प्रताड़ित नहीं करेंगे, लेकिन उनके काम नहीं करने देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि वे अपने देश वापस चले जाएं।”
ये बयान काफी सख्त है। संगठन का कहना है कि वे शांति बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन अगर पड़ोसी देश में हिंदुओं की सुरक्षा नहीं हुई तो यहां भी बांग्लादेशी दफ्तरों और अधिकारियों का कामकाज मुश्किल कर देंगे।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ पुराने गहरे रिश्ते चाहता है, जो मुक्ति संग्राम से जुड़े हैं। लेकिन अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा को लेकर गहरी चिंता है। भारत शांति और स्थिरता का पक्षधर है और लगातार निष्पक्ष चुनावों की बात करता रहा है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

















