भुवनेश्वर: ओडिशा–छत्तीसगढ़ सीमा से सटे कोरापुट जिले में अवैध गोवंश तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। अवैध रूप से गायों को ले जा रहा एक कंटेनर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 40 से अधिक गायों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। हादसे के तुरंत बाद कंटेनर का चालक और सहायक मौके से फरार हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से गायों को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में ठूंस-ठूंस कर आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा था। यह दुर्घटना कोरापुट जिले के कोटपाड़ ब्लॉक अंतर्गत कुमार गांव के पास हुई। बताया गया कि वाहन चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे कंटेनर सड़क किनारे पलट गया। कंटेनर में 50 से अधिक गोवंश भरे हुए थे। हादसे में 40 से अधिक गायों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं।

इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता, गो-रक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। कंटेनर के भीतर गायों की दयनीय स्थिति देखकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। कंटेनर में दबे 10 से अधिक जीवित गोवंशों को सुरक्षित बाहर निकालकर पशु चिकित्सकीय देखरेख में भेजा गया।
राहत एवं बचाव कार्य कोटपाड़ पुलिस, तहसीलदार ट्विंकल सेठी और दमकल विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। मृत गोवंशों को कंटेनर से बाहर निकालकर नजदीकी वन क्षेत्र में नियमानुसार दफनाया गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया।

स्थानीय थाना प्रभारी परमानंद सुनानी ने बताया कि दुर्घटना के बाद कंटेनर का चालक और सहायक फरार हो गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि तस्करी में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी और अवैध गोवंश तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 6 दिसंबर को कोरापुट जिले में इसी तरह का एक मामला सामने आया था। उस समय तस्कर हरी सब्जियों की ट्रे के नीचे 32 गायों को छिपाकर हैदराबाद ले जा रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय युवकों ने कार्रवाई करते हुए गायों को छुड़ाया था। पुरुणागढ़ चौराहे के पास एक आइशर वाहन को रोका गया था। वाहन रुकते ही चालक और सहायक मौके से फरार हो गए थे। तलाशी के दौरान पाया गया कि वाहन के ऊपरी हिस्से में हरी सब्जियां लदी थीं, जबकि नीचे की परत में 32 गायों को रस्सियों से बांधकर रखा गया था, ताकि वाहन को सब्जी-लदी गाड़ी समझकर जांच से बचा जा सके।

स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का आरोप है कि कोरापुट जिले में इस मार्ग से नियमित रूप से अवैध गोवंश तस्करी हो रही है। उनका कहना है कि इस संबंध में पुलिस को बार-बार शिकायतें दी गई हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में तस्करों और उनसे जुड़े गिरोहों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई, नियमित जांच और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

















