इंदौर (हि.स.) । उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी आधुनिक, आत्मविश्वासी और मानवीय भारत के शिल्पकार थे, जिन्होंने गरिमा, संवेदनशीलता और सिद्धांतों के साथ राजनीति को नई ऊंचाइयां दीं।
अटल बिहारी वाजपेयी स्वयं में एक मिशन थे
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मध्य प्रदेश के इंदौर में अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी पर अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मनुष्य कर्मों से महान बनते हैं। उन्होंने तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल की उक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं बल्कि स्वयं में एक मिशन थे, जो अपने सिद्धांतों और मूल्यों के प्रति हमेशा ‘अटल’ रहे।
राजनेता के साथ-साथ एक महान मानव
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी को एक राजनेता, प्रशासक, सांसद और कवि के साथ-साथ एक महान मानव के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने संवाद, समावेशी विकास और मजबूत लेकिन मानवीय शासन में गहरा विश्वास रखा। इसी कारण उनकी जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सांसदों के लिए सदैव सुलभ थे वाजपेयी
उपराष्ट्रपति ने कहा कि वाजपेयी सदैव सांसदों के लिए सुलभ रहते थे और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सुझावों के लिए खुले मन से सुनते थे। उन्होंने वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के गठन को दूरदर्शी कदम बताया, जिससे प्रशासन और शासन व्यवस्था को मजबूती मिली। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भाषा, संस्कृति और विविधता के प्रति उनके सम्मान ने उन्हें राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठाकर सर्वमान्य बनाया।
देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का अनावरण
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने डेली कॉलेज परिसर में देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने अहिल्याबाई होलकर को दूरदर्शी और जनकल्याण को समर्पित शासक बताया। साथ ही इंदौर को लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुने जाने पर नगरवासियों को बधाई दी और इसे सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

















