बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी खबर फैलते ही ढाका में गुरुवार देर रात हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह आगजनी कर नारेबाजी की और आवामी लीग के कार्यालयों को निशाना बनाया। कई समाचार पत्रों के कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की गई।
हादी के सिर में मारी गई थी गोली
प्रमुख मीडिया समूह प्रथम आलो ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने हादी के सिर में गोली मार दी थी और गंभीर हालत में उन्हें पहले ढाका में भर्ती कराया गया लेकिन 15 दिसंबर को एयर एम्बुलेंस से सिंगापुर रेफर कर दिया गया था।
कौन था शरीफ उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी, जिसे ज्यादातर लोग उस्मान हादी के नाम से जानते थे, बांग्लादेश का एक युवा नेता था। वो 32 साल के थे और 2024 के छात्र आंदोलन में काफी आगे रहकर लड़ाई लड़े थे। उनका पूरा नाम शरीफ उस्मान बिन हादी था। वो इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे, जो शेख हसीना की सरकार के खिलाफ बने एक प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। हादी ढाका यूनिवर्सिटी के छात्र रहे और राजनीति में काफी सक्रिय थे। वो किताबें भी लिखते थे, खासकर बांग्लादेश की सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर।
शरीफ उस्मान की मौत की खबर मिलते ही उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। काफी संख्या में उग्र समर्थकों ने जगह-जगह आगजनी और तोड़फोड़ की। इस दौरान आवामी लीग के दफ्तरों को निशाना बनाया गया। शेख हसीना और भारत के खिलाफ नारेबाजी की। कई समाचार पत्रों प्रथम आलो और डेली स्टार के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। हादी के उग्र समर्थकों ने अधिकारियों पर हादी की सुरक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
भारत विरोधी था उस्मान हादी
कट्टरपंथी मानसिकता से सना उस्मान हादी जमात ए इस्लामी जैसे चरमपंथी इस्लामिक संगठन का समर्थक था। इस्लामिक कट्टरता से सराबोर हादी भारत का विरोधी था। वह न केवल शेख हसीना की आवामी लीग का विरोधी था। हादी ने अवामी लीग पर संवैधानिक प्रतिबंध की मांग की थी। बल्कि वह भारत के खिलाफ भी जहर उगल कर लोगों को भड़काता रहता था।
कट्टरपंथी को यूनुस ने कहा-निडर योद्धा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए लोगों से शांत रहने और कानून हाथ में न लेने की अपील की। उन्होंने हादी को निडर योद्धा बताते हुए शुक्रवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हादी के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही सरकार द्वारा हादी की पत्नी और इकलौते बच्चे की जिम्मेदारी लेने का उन्होंने वायदा किया।

















