बांग्लादेश से आई दो बड़ी खबरों ने पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इसी साल बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है, तो दूसरी तरफ चीन को मोंगला पोर्ट के पास रणनीतिक आर्थिक क्षेत्र विकसित करने की जिम्मेदारी मिल गई है। क्या ये दोनों घटनाएँ महज़ संयोग हैं या बांग्लादेश की राजनीति और विदेश नीति में किसी बड़े बदलाव का संकेत?
देखिए पंचजन्य की यह विशेष रिपोर्ट।

















